VIDEO: ‘छात्रों की आवाज दबा नहीं सकती सरकार’, प्रशांत किशोर बोले- TRE समेत जायज मांगें माननी होंगी

शांत किशोर बोले- TRE समेत जायज मांगें माननी होंगी

छात्र आंदोलन और किसानों के प्रदर्शन को लेकर प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर हमला बोला. उन्होंने छात्रों की जायज मांगें मानने, टीआर समेत भर्ती से जुड़े मुद्दों का समाधान करने और किसानों की जमीन अधिग्रहण नीति पर पुनर्विचार की मांग की. शिक्षा मंत्री के बयान पर भी उन्होंने मुख्यमंत्री को लेकर तंज कसा.

Bihar Student Protest : छात्र आंदोलन और किसानों के प्रदर्शन को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को सरकार को स्वीकार करना चाहिए. सरकार छात्रों के मुद्दों को दबा नहीं सकती और अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है.

‘पहले प्रदर्शन पर तुरंत चलती थी लाठी, अब सरकार दो बार सोच रही’

तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में जब भी समाज के किसी वर्ग ने प्रदर्शन किया, उस पर लाठीचार्ज हुआ. उन्होंने कहा कि आज कम से कम लाठी चलाने से पहले सरकार और प्रशासन दो बार सोच रहे हैं. उनके मुताबिक यह लोकतंत्र की ताकत है और युवाओं के आंदोलनों का असर दिखाई दे रहा है.

‘TRE समेत छात्रों की जायज मांगें माननी होंगी’

तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों की जो भी जायज मांगें हैं, सरकार को उन्हें मानना चाहिए. उन्होंने शिक्षक भर्ती यानी टीआर समेत अन्य छात्र मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समस्याओं को दबाने से समाधान नहीं निकलेगा. सरकार को छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

पेपर लीक और बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरा

तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में शिक्षा के निजीकरण और कोचिंग संस्थानों के बढ़ते व्यवसायीकरण के साथ पेपर लीक और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी जैसी समस्याएं युवाओं में असंतोष पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती और व्यवस्था में सुधार नहीं करती, तो छात्रों के आंदोलन आगे भी देखने को मिलेंगे.

किसानों के आंदोलन को लेकर भी सरकार पर निशाना

किसानों के प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार की 11 सेटेलाइट सिटी बनाने की योजना को लेकर किसानों में व्यापक असंतोष है. उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य और मध्यमवर्गीय किसानों की जमीन को कम कीमत पर लेकर बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

‘हजारों एकड़ जमीन का अधिग्रहण आसान नहीं’

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के 11 बड़े शहरों के आसपास हजारों एकड़ जमीन के अधिग्रहण की योजना को लागू करना आसान नहीं होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, तो इतनी बड़ी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण कैसे किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जमीन लेने पर किसानों और भू-धारकों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए.

शिक्षा मंत्री के बयान पर तेजस्वी का पलटवार

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के उस बयान पर भी तेजस्वी यादव ने कटाक्ष किया, जिसमें उन्होंने तेजस्वी को पहले 10वीं पास करने की सलाह दी थी. तेजस्वी ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री उन्हें 10वीं पास करने की सलाह दे रहे हैं, तो उन्हें उम्मीद है कि अगली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी 10वीं की परीक्षा देने की सलाह दी जाएगी.

‘दोनों अगली बार मैट्रिक की परीक्षा दें’

तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दोनों को अगली बार मैट्रिक की परीक्षा देकर पास होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे बिहार की जनता को भरोसा होगा कि दोनों नेता अपने दम पर मैट्रिक की परीक्षा पास कर सकते हैं.

Also Read : VIDEO: छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरा दिव्यांग युवक, बोला- ‘नौकरी चाहिए, 10 लाख का वादा कर एक लाख की नौकरी दी’



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >