तेज प्रताप ने FIR में आकाश के साथ अनुष्का यादव को भी बनाया आरोपी, जानिए आवेदन में क्या-क्या लिखा

Tej Pratap Yadav: जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने सचिवालय थाना में एफआईआर दर्ज कराया है. गौर करने वाली बात यह है कि इस एफआईआर में तेज प्रताप ने अनुष्का यादव को भी आरोपी बताया है. टोटल 8 लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है.

Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. उन्होंने अनुष्का यादव, उनके भाई आकाश यादव समेत 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शुक्रवार को तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आकाश यादव पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया. इसके बाद शुक्रवार की रात ही उन्होंने सचिवालय थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराई.

इन 8 लोगों पर तेज प्रताप ने लगाया आरोप

  1. आकाश यादव
  2. मनोज यादव
  3. तारा देवी
  4. अनुष्का यादव
  5. मंजीत यादव
  6. विशाल यादव
  7. अभिषेक कुमार सिंह
  8. शुभम कुमार

आकाश और अनुष्का यादव से कब मिले तेज प्रताप?

आवेदन में तेज प्रताप ने बताया, जब वे स्वास्थ्य मंत्री थे उसी दौरान उनका परिचय आकाश यादव, मनोज यादव, तारा देवी, अनुष्का यादव, मंजीत यादव, विशाल यादव, अभिषेक कुमार सिंह और शुभम कुमार से हुआ था. उस समय आकाश यादव छात्र राजद से जुड़ा हुआ था. तेज प्रताप के मुताबिक आकाश उनके संपर्क में आने के बाद ही छात्र राजद के कार्य में आगे बढ़े और प्रदेश अध्यक्ष बनने में सहयोग मिला.

आकाश यादव और परिजनों ने तेज प्रताप के खिलाफ रचा षड्यंत्र

आगे आवेदन में उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे उन लोगों से अच्छे संबंध बने और ये लोग मेरे साथ रहने, आने-जाने और संपर्क में रहने लगे. समय बीतने के साथ सभी आरोपित व्यक्ति आपस में मिलकर मेरे खिलाफ षड्यंत्र करने लगे. इन लोगों ने मेरी राजनीतिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक मान-सम्मान को देखकर मुझे ट्रैप करने और ब्लैकमेल करने की योजना बनाई.

इसी क्रम में एक दिन मुख्य अभियुक्त आकाश यादव ने मुझे अपने घर बुलाया और अपने परिवार के सदस्यों, जिनमें उसकी मां, बहनें और अन्य पारिवारिक सदस्य शामिल थे, उनसे मिलवाया. उसके बाद धीरे-धीरे उसके घर आना-जाना होने लगा. कुछ समय बाद मुख्य अभियुक्त आकाश यादव ने मुझे धमकाते हुए कहा कि उसके घर आने-जाने का वीडियो बना लिया गया है और वह मुझे दुनिया की नजर में गलत साबित कर देगा. यह प्रचारित करेगा कि मेरा आचरण खराब है.

ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का आरोप

तेज प्रताप यादव ने यह भी लिखा कि आकाश यादव ने कहा कि यदि मैं उसे पैसा नहीं दूंगा तो वह मेरी राजनीतिक और सामाजिक छवि को बर्बाद कर देगा. मुझे बदनाम करेगा और झूठे मुकदमे में फंसा देगा. इस पूरे षड्यंत्र में केवल आकाश यादव ही नहीं, बल्कि मनोज यादव, तारा देवी, अनुष्का यादव, मंजीत यादव, विशाल यादव, अभिषेक कुमार सिंह और शुभम कुमार भी सहयोग करते रहे हैं. ये सभी लोग एक राय होकर मेरे खिलाफ ब्लैकमेलिंग, अवैध धन वसूली, मानसिक प्रताड़ना और झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश में शामिल हैं.

तेज प्रताप का आरोप- आकाश यादव ने की पैसों की डिमांड

आवेदन के मुताबिक, आकाश यादव कभी 10 लाख रुपये, कभी 5 लाख रुपये, कभी 2 लाख रुपये और अलग-अलग समय पर अलग-अलग राशि की मांग करता रहा. अपनी इज्जत, प्रतिष्ठा, राजनीतिक छवि और परिवार के मान-सम्मान को बचाने के लिए मैंने कई बार मजबूरी में पैसा दिया भी है.

कई बार पैसा आकाश यादव की ओर से अपनी मां तारा देवी और बहन अनुष्का यादव के बैंक खातों में भी मंगवाया गया है. इस संबंध में बैंक खाते, लेन-देन और अन्य सबूत आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसी, थाना और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं.

6 जून को तेज प्रताप को मिली थी धमकी

हाल के दिनों में जब मेरे सुरक्षा कर्मियों को वापस कर दिया गया. ऐसे में आरोपितों को यह लगा कि अब मैं असुरक्षित हो गया हूं और मेरे खिलाफ दबाव, धमकी या हमला करना आसान हो जाएगा. इसी कारण सभी आरोपित व्यक्ति एक राय होकर मुझे परेशान, तंग-तबाह, बदनाम और ब्लैकमेल करने की साजिश को और तेज कर दिए.

इसी क्रम में 6 जून को मेरे मोबाइल पर कॉल कर मुझे धमकी दी गई और गाली-गलौज भरे शब्दों के साथ ब्लैकमेल करने का प्रयास किया गया. मैंने इसका पुरजोर विरोध किया. घटना के संबंध में मैंने 7 जून को आकाश यादव को विधिवत लीगल नोटिस भी भिजवाया.

लीगल नोटिस भेजे जाने के बाद आरोपित आकाश यादव और उसके सहयोगी प्रतिशोध में आ गए और मेरे ऊपर झूठा मुकदमा कर दिया. न्यायालय में जाकर मेरे खिलाफ झूठी शिकायत की गई, जिसका उद्देश्य केवल मुझे दबाव में लाना, मेरी छवि खराब करना और मुझसे अधिक से अधिक पैसा वसूलना है.

19 जून को भी दी गई थी धमकी

तेज प्रताप ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि 19 जून को आरोपितों की ओर से अपने एक व्यक्ति को मेरे पास भेजा गया. आकाश यादव और अन्य लोग मुझसे मिलना चाहते हैं और अगर मैं पैसा दे दूं तो मामला शांत कर दिया जाएगा, नहीं तो मेरी छवि को और खराब कर दिया जाएगा. साथ ही मुझे झूठे मुकदमे और मीडिया प्रचार के माध्यम से फंसा दिया जाएगा. ऐसे में तेज प्रताप यादव ने मामले में कार्रवाई की मांग की.

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Published by: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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