Tej Pratap Yadav: जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने आकाश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है. तेज प्रताप ने एक्स के जरिए लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में उन्होंने क्लियर कहा कि उनके खिलाफ झूठा और मनगढंत एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी छवि को खराब और जनविश्वास को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है.
आकाश यादव ने तेज प्रताप पर क्या लगाया था आरोप?
अनुष्का के भाई आकाश यादव ने गुरुवार को तेज प्रताप यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. आकाश यादव की माने तो, तेज प्रताप यादव ने उनसे कहा है कि अगर उन्हें उनकी पत्नी से मिलने से रोका गया तो उज्जैनी का अपहरण कर दिया जाएगा. साथ ही हिंसक परिणाम भी भुगतने पड़ेंगे.
आकाश यादव ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 जून को तेज प्रताप यादव अपने साथी मोती लाल यादव के साथ पटना के पाटलिपुत्र इलाके स्थित उनके घर पहुंचे थे. उस समय वह घर पर नहीं थे और खाटूश्याम गए हुए थे. आकाश यादव के अनुसार, उनकी गैरमौजूदगी में तेज प्रताप यादव और उनके साथी ने घर में जबरन घुसने की कोशिश की. साथ ही घर के लोगों को धमकी भी दी गई.
आकाश यादव का आरोप है कि बाद में उन्हें फोन कर मोती लाल यादव के जरिए धमकी दिलाई गई. उन्होंने कहा कि मोती लाल का फोन कटने के कुछ देर बाद एक और कॉल आया. शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम मोहित बताया और कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई का आदमी है. आकाश यादव का आरोप है कि कॉल करने वाले ने कहा कि मंत्री जी के खिलाफ कुछ नहीं बोलना है.
तेज प्रताप यादव ने एक्स पर क्या लिखा?
आकाश यादव के आरोपों को गलत बताते हुए तेज प्रताप ने एक्स पर लिखा, ‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण और असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया है’.
आगे यह भी लिखा, यह स्पष्ट रूप से मेरी सार्वजनिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और वर्षों से अर्जित जनविश्वास को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है. मैं एक सार्वजनिक जीवन से जुड़ा व्यक्ति हूं और सदैव कानून, मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करता आया हूं. लेकिन मेरी जनसुलभता, विनम्रता और लोगों से जुड़े रहने की प्रवृत्ति को कोई मेरी कमजोरी समझने की भूल न करें’.
कानून के दुरुपयोग का लगाया आरोप
तेज प्रताप ने यह भी लिखा- ‘सार्वजनिक जीवन में होने का अर्थ यह नहीं कि मैं असभ्यता, झूठ, चरित्रहनन या कानून के दुरुपयोग को सहन करूंगा. मैं इस प्रकार की दुर्भावनापूर्ण, भ्रामक और तथ्यहीन कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. कानून का दुरुपयोग कर झूठी कहानियां गढ़ना न केवल न्याय व्यवस्था का अपमान है, बल्कि सत्य और नैतिकता पर भी सीधा प्रहार है’.
न्यायपालिका पर जताया भरोसा
तेज प्रताप ने लिखा- ‘मुझे न्यायपालिका, कानून और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा विश्वास है. सत्य तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगा और हर झूठ का पर्दाफाश होगा. साथ ही, मैं अपने सम्मान, प्रतिष्ठा और जनविश्वास को क्षति पहुंचाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का उपयोग करते हुए कठोरतम कार्रवाई करूंगा. सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन झूठ को बार-बार सहारे ढूंढने पड़ते हैं’.
यह भी लिखा कि ‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि न तो मैं किसी प्रकार के दबाव में आने वाला हूं, न ही झूठे आरोपों और दुष्प्रचार से विचलित होने वाला हूं. मेरी प्रतिबद्धता सत्य, न्याय और जनता के विश्वास के प्रति है और उसकी रक्षा के लिए मैं हर वैधानिक कदम उठाऊंगा. झूठ, भय और साजिश के आगे न कभी झुका हूं, न झुकूंगा. सत्य की विजय निश्चित है.’
