सुपौल. सदर अस्पताल के मीटिंग रूम में बुधवार को पिरामल स्वास्थ्य के तत्वावधान में व्यक्तिगत परिवर्तन एवं टीम बिल्डिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ संस्थागत कार्य संस्कृति को और सुदृढ़ करना रहा. कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सह डीपीसी, जिला अधीक्षक, डीसीएम, डीएएम, डीएम एंड ई, हेल्थ मैनेजर, चिकित्सक, नर्स, ब्लड बैंक एवं एनआरसी से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए. कार्यशाला के दौरान पिरामल स्वास्थ्य के प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों ने सहभागियों को हूएमआई, लाइफ जर्नी, सर्कल ऑफ कंसर्न एवं सर्कल ऑफ इन्फ्लुएंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित विभिन्न आत्म-जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियां कराई. इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वयं की भूमिका, जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत व्यवहार के प्रभाव को समझने का अवसर मिला. साथ ही टीम के रूप में कार्य करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया. प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रभावी टीम वर्क और सकारात्मक सोच से न केवल कार्य स्थल का माहौल बेहतर होता है, बल्कि मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आता है. कार्यशाला में यह भी समझाया गया कि सर्कल ऑफ कंसर्न और सर्कल ऑफ इन्फ्लुएंस की अवधारणा को अपनाकर स्वास्थ्य कर्मी अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हुए समस्याओं के समाधान में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं. इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला स्वास्थ्य कर्मियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और समन्वय को बढ़ाती है. यह पहल सदर अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी. व्यक्तिगत विकास और टीम भावना के सशक्तिकरण से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जिससे मरीज संतुष्टि में भी वृद्धि होगी.
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