सुपौल जिले के जदिया प्रखंड परिसर स्थित स्वच्छता भवन में मंगलवार को आयोजित 20 सूत्री समिति की बैठक उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गई, जब उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध कराने का मामला उठा. जमीन के 16 महीने से लंबित होने को लेकर 20 सूत्री सदस्य संजय अग्रवाल और अंचल अधिकारी (CO) प्रियंका सिंह के बीच जमकर तीखी नोक-झोंक और बहस हो गई. स्थिति तनावपूर्ण होते देख बीडीओ और बीपीआरओ ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया. वहीं, बैठक में हुई इस गरमा-गरम बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है.
16 माह से अटका है जमीन का मामला, कार्यशैली पर सवाल
विवाद की मुख्य वजह उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण में हो रही देरी बनी:
- दान में देनी थी जमीन: 20 सूत्री सदस्य संजय अग्रवाल ने बताया कि उनकी 18 कट्ठा निजी जमीन है, जिसमें से 4 कट्ठा जमीन पर महादलित परिवार बसे हैं. शेष 14 कट्ठा में से 4 कट्ठा जमीन उन्होंने उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए देने की पेशकश की थी.
- 16 महीने से टालमटोल: श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि करीब 16 माह बीत जाने के बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध कराने और कागजी प्रक्रिया को पूरा करने में लगातार हीला-हवाली की जा रही है.
- बैठक में उठा सवाल: इसी मुद्दे को लेकर जब उन्होंने बैठक में अंचल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, तो सीओ प्रियंका सिंह के साथ तीखी तकरार शुरू हो गई, जिससे सदन का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया.
बीडीओ और बीपीआरओ के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
बहस को अनियंत्रित होते देख अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला:
- प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया.
- अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही बैठक की शेष कार्यवाही आगे बढ़ सकी.
मुखिया ने भी खड़े किए सवाल, वीडियो वायरल होने पर भड़के ग्रामीण
सीओ के रवैये को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों और जनता में गहरा रोष है:
- मुखिया का आरोप: जदिया मुखिया अन्नू अग्रवाल ने भी सीओ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में अंचल अधिकारी का रवैया आम जनता और जनप्रतिनिधियों के प्रति सहयोगात्मक नहीं रहता है.
- वायरल वीडियो से उबाल: बैठक में हुई नोक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं, ऐसे में बैठकों में अधिकारियों द्वारा मर्यादा और शालीनता का ध्यान रखा जाना चाहिए.
- आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए जमीन की प्रक्रिया को तत्काल पूरा कर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे सड़क पर उतरकर चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
