तीन दिनों से इंतजार में थे मृतक के परिजन, नहीं हुआ पोस्टमार्टम

तीन दिनों से इंतजार में थे मृतक के परिजन

मामला सुपौल के वीरपुर में हुई युवक की हत्या का

अब शव के अवशेषों और बोन मेरो की होगी फोरेंसिंक जांच

वापस सुपौल लौटे परिजन, जांच के बाद ही मिलेगा शव का अवशेष

भागलपुर सुपौल जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र के कोजगामा वार्ड नंबर छह निवासी मो अकबर(27) के शव के अवशेषों और बोन मेरो की फोरेंसिक जांच होगी. मृतक अकबर के परिजन तीन दिनों से पोस्टमार्टम के बाद शव प्राप्त करने के इंतजार में भागलपुर में थे. सोमवार को जेएलएनएमसीएच में निर्णय लिया गया कि चूकि शव डिकंपोज हो गया है, इसलिए सामान्य प्रक्रिया में पोस्टमार्टम संभव नहीं है. इसलिए शव के बोन मेरो और अन्य अवशेषों की फोरेंसिक जांच करायी जाये. इस निर्णय के बाद शव के अवशेषों को अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षित कर लिया गया है. तीन दिनों से भागलपुर में शव प्राप्त करने की आस में रुके परिजन सुपौल के लिए बैरंग रवाना हो गये. परिजनों को तीन माह बाद रिपोर्ट देने और शव के अवशेषों को देने की बात कही गयी है.

16 को लापता हुआ था अकबर, 17 की रात को मिली थी लाश, दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

मृतक मो अकबर के भाई मो जमालुद्दीन ने बताया कि 16 सितंबर की शाम को अकबर अपनी मोटरसाइकिल पर गांव से पांच किलोमीटर दूर बाजार गया था. देर रात तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करना चाहा. रात 12 बजे बदहवास अवस्था में अकबर ने फोन उठाया और उसने बताया कि वह एक प्रोग्राम देख रहा है, इसलिए उसे फोन नहीं किया जाये. इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. सुबह परिजन आशंकित थे. उनलोगों ने काफी खोजबीन की और मामले की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया तो उनकी निशानदेही पर मो अकबर का शव उसके घर से पांच किलोमीटर दूर एक धान के खेत से बरामद किया गया. उसके पास एक आइफोन, एक बाइक थी, जो अब तक गायब है.

21 सितंबर को शव को लेकर भागलपुर पहुंचे थे परिजन

परिजनों ने बताया कि 17 सितंबर की रात को शव मिलने के बाद वे लोग सुपौल सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए गये, जहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर रेफर कर दिया गया. महज एक दिन पहले का शव था लेकिन वह पूरी तरह से काला हो गया था. आशंका है कि हत्यारों ने हत्या के लिए तेजाब जैसे पदार्थ का प्रयोग किया था. परिजनों ने बताया कि वे लोग 21 सितंबर को शव को लेकर भागलपुर पहुंच चुके थे. लेकिन यहां पर भी शव का पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया गया. सुपौल के संबंधित पदाधिकारी से पत्राचार किया गया. इसके बाद सुपौल से बोन मेरो जांच का आदेश प्राप्त होने के बाद शव के अवशेषों को सुरक्षित किया गया.

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