सुपौल से रोशन कुमार सिंह की रिपोर्ट :
जिले में आगामी एक जून से स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप देने की तैयारी अंतिम चरण में है. इसके तहत मरीजों की पर्ची बनाने से लेकर डॉक्टर द्वारा जांच, इलाज और मरीजों के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड के संधारण तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी लोगों का आभा कार्ड बनाया जाना अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके.अब तक 16 लाख 50 हजार लोगों का बना आभा कार्ड
जिले में करीब 27 लाख 50 हजार लोगों का आभा कार्ड बनाया जाना है. हालांकि अब तक लगभग 16 लाख 50 हजार लोगों का ही आभा कार्ड बन पाया है. निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत स्तर और गांवों में शिविर लगाकर लोगों का आभा कार्ड बनाया जा रहा है. वहीं, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत के तहत जिले में 23 लाख 91 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक लगभग 11 लाख 82 हजार लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बन पाया है. शेष लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद ली जा रही है.
जिला कार्यक्रम समन्वयक आयुष्मान भारत शशीकांत राम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जिले में आभा और आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. कहा कि एक जून से स्वास्थ्य विभाग की अधिकांश सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी, ऐसे में प्रत्येक नागरिक का आभा कार्ड होना जरूरी है. इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने का निर्देश दिया गया है.