Revenue Employees Strike: सुपौल जिले में बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर राजस्व कर्मचारियों ने डिग्री कॉलेज के समीप एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की.
11 फरवरी से जारी है आंदोलन
संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि 11 फरवरी 2026 से राज्यभर में राजस्व कर्मचारियों का आंदोलन जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए कर्मचारियों पर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए जा रहे हैं.
15 से 17 जुलाई तक कलमबंद हड़ताल
संघ ने घोषणा की कि 15 से 17 जुलाई तक सभी राजस्व कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे और कलमबंद हड़ताल करेंगे. इस दौरान सरकारी राजस्व कार्य प्रभावित रहने की संभावना है.
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
Revenue Employees Strike: राजस्व कर्मचारियों ने नवनियुक्त कर्मचारियों की गृह जिले में पदस्थापना, राजस्व अधिकारी (आरओ) पद पर पदोन्नति, एसीपी और एमएसीपी का लाभ, ऑनलाइन प्रक्रियाओं में सुधार, जबरन कार्रवाई पर रोक, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली समाप्त करने तथा हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान सहित कई मांगें सरकार के सामने रखी हैं.
राजस्व सेवाएं हो रही प्रभावित
कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन के कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि संबंधी प्रमाण-पत्र, ऑनलाइन सेवाएं और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इसका असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें जरूरी कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. धरना-प्रदर्शन में दीपक कुमार पासवान, विकास कुमार, नजीब आलम, रंजीत कुमार, पवन कुमार, बवन कुमार, विकास कुमार, इसराफिल अहमद, अनिकेत कुमार आनंद, संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे.
