Supaul News: नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे सुपौल पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बड़ा सम्मान मिला. कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. यह सम्मान ‘नशा मुक्त कोशी’ अभियान के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और अभियान को गति देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया.
डीआईजी कार्यालय में हुआ सम्मान समारोह
शुक्रवार को डीआईजी कार्यालय में आयोजित समारोह में कोशी क्षेत्र में नशे के खिलाफ उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया.
सुपौल एसपी शरथ आरएस को विशेष रूप से उनके नेतृत्व में चलाए गए अभियान और लगातार मिल रही सफलताओं के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया.
फरवरी 2026 से चल रहा है नशा मुक्त कोशी अभियान
‘नशा मुक्त कोशी’ अभियान फरवरी 2026 से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में संचालित किया जा रहा है.
इस अभियान के तहत पुलिस ने अब तक बड़े पैमाने पर अवैध नशीले पदार्थ बरामद किए हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अभियान में अब तक 57,878.49 लीटर अवैध शराब, 2,384.77 लीटर अवैध कफ सिरप, 4,870.146 किलोग्राम गांजा और 6,750.792 ग्राम स्मैक सहित बड़ी मात्रा में अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं.
कार्रवाई के दौरान 1,638 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी की भी अहम भूमिका
सुपौल नेपाल सीमा से सटा जिला है, इसलिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में 45वीं वाहिनी एसएसबी, वीरपुर की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है.
अभियान में उल्लेखनीय योगदान के लिए उप-कमांडेंट सुमन सौरभ, द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा, एएसआई/जीडी चमन सिंह चौहान, सिटी/जीडी सचिन और सिटी/जीडी मनोज कुमार को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
सुपौल के दो पुलिस अधिकारियों को भी मिला सम्मान
सुपौल जिले से किशनपुर थानाध्यक्ष पुअनि ज्ञान रंजन कुमार और पुअनि सोवरन कुमार को भी नशे के खिलाफ उत्कृष्ट कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया.
इन अधिकारियों ने विभिन्न अभियानों के दौरान नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
पुलिस-एसएसबी समन्वय से तस्करों पर बढ़ा दबाव
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव हो रही है.
उन्होंने अधिकारियों को अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए और आम नागरिकों से अपील की कि नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त कोशी’ अभियान को सफल बनाने में जनता की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
कोशी क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रही यह मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी और सीमा सुरक्षा के समन्वय का उदाहरण बनती जा रही है.
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