सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट.
Supaul News: सुपौल जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को 74 समेकित स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया गया. जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (BSACS) और बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति (BGJAS) के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुए इस अभियान का उद्घाटन किशनपुर प्रखंड की मलाढ़ पंचायत में जिलाधिकारी सावन कुमार ने किया.
गांवों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम सावन कुमार ने कहा कि स्वस्थ शरीर किसी भी व्यक्ति के समग्र विकास की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से कई गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में की जा सकती है.
उन्होंने बताया कि समेकित स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के समीप स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े.
खुद जांच कराकर दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया जब जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्वयं एचआईवी, ब्लड शुगर, सिफिलिस, ब्लड प्रेशर, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच कराई.
डीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए. इससे बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज संभव हो पाता है.
डीएम ने आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों और अन्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को शिविर तक पहुंचाने की अपील की. साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का अनुरोध किया.
सिविल सर्जन ने बताया कि सभी शिविरों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है. शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें.
हेल्थ मॉडल बनने की ओर सुपौल
बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति (BGJAS) के कार्यपालक निदेशक कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयास से संचालित यह अभियान राज्य के लिए एक मॉडल साबित हो सकता है. इससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
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