Supaul News: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन की गूंज अब सुपौल में भी सुनाई देने लगी है. शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज चौक के समीप भीम आर्मी भारत एकता मिशन की जिला इकाई ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया. संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उनका कहना था कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास तभी बहाल होगा, जब दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
समाहरणालय तक मार्च, गेट पर प्रशासन ने रोका
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारी समाहरणालय की ओर मार्च करते हुए पहुंचे. हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने समाहरणालय के मुख्य गेट पर ही उन्हें रोक दिया. पहले से तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखा.
कुछ देर बाद जिलाधिकारी सावन कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की. इसके बाद भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा.
ज्ञापन में उठीं कई बड़ी मांगें
भीम आर्मी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कई अहम मांगें रखी गईं. संगठन ने NEET पेपर लीक मामले की CBI जांच कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दिल्ली के जंतर-मंतर व पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की.
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, मृतक छात्रों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने तथा प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की.
'छात्रों के भविष्य पर सरकार जवाबदेह बने'
जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है. उनका कहना था कि यदि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में समय पर और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तो युवाओं का भरोसा कमजोर होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन आगे भी जारी रखेगा.
डीएम ने दिया आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति कार्यालय को भेज दिया जाएगा. इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया.
प्रदर्शन से पहले ही अलर्ट मोड पर था प्रशासन
NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर संभावित विरोध प्रदर्शन की आशंका के बीच सुपौल जिला प्रशासन पहले से पूरी तरह सतर्क था. समाहरणालय के मुख्य द्वार सहित शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था.
संवेदनशील स्थानों पर लगातार बाइक पेट्रोलिंग कराई गई और पुलिस टीम पूरे दिन गतिविधियों पर नजर बनाए रही. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को भी अलर्ट मोड में रखा गया था.
Supaul News: एसडीएम और एसडीपीओ ने किया लगातार निरीक्षण
अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साह और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव रंजन ने पूरे दिन शहर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. दोनों अधिकारियों ने समाहरणालय परिसर और प्रमुख चौक-चौराहों का निरीक्षण किया तथा तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. प्रशासन की सतर्कता के कारण पूरे दिन शहर में शांति और सामान्य स्थिति बनी रही.
