सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय बना कौशल का केंद्र

राज्य व जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के दूसरे दिन दिखी युवाओं की तकनीकी दक्षता

– राज्य व जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के दूसरे दिन दिखी युवाओं की तकनीकी दक्षता सुपौल. विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय, सुपौल में बिहार कौशल विकास मिशन (बीएसडीएम) के सहयोग से जिला एवं राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 2025–26 के दूसरे दिन का सफल आयोजन किया गया. इस आयोजन में राज्य भर से आए प्रतिभागियों ने अपनी तकनीकी एवं व्यावहारिक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. दूसरे दिन के कार्यक्रम के तहत वेब टेक्नोलॉजी एवं क्लाउड कंप्यूटिंग की राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता आयोजित की गई. जबकि इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी संपन्न हुई. इन सभी प्रतियोगिताओं में बिहार के विभिन्न जिलों से कुल 53 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. प्रतियोगिताओं का आयोजन बीएसडीएम द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया. वेब टेक्नोलॉजीज (राज्य स्तरीय) प्रतियोगिता का मूल्यांकन अभय कुमार, कमल राज प्रवीण एवं सुनील कुमार सुमन ने किया. जबकि क्लाउड कंप्यूटिंग (राज्य स्तरीय) का मूल्यांकन गोपाल कृष्णा, डॉ जय कुमार एवं आशीष आनंद द्वारा किया गया. वहीं इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन (जिला स्तरीय) प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ राजा गांधी, प्रकाश कुमार एवं पंकज सिंह ने किया. इलेक्ट्रॉनिक्स (जिला स्तरीय) प्रतियोगिता का मूल्यांकन रवि रंजन, नवीन कुमार एवं शादाब आज़म सिद्दीकी द्वारा किया गया. प्रतियोगिता के दौरान बीएसडीएम के स्किल मैनेजर कुमार गौतम एवं श्री विशाल आनंद भी उपस्थित रहे. उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रतिभागियों के प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन किया और संतोष व्यक्त किया. इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल इंचार्ज सह डीन एकेडमिक्स, सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय, डॉ चन्दन कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वेब टेक्नोलॉजीज और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करती है. वहीं इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी विधाओं में जिला स्तरीय प्रतियोगिता उनकी आधारभूत तकनीकी समझ को मजबूत बनाती है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. वहीं प्राचार्य डॉ. अच्युतानंद मिश्र ने BSDM के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय राज्य के युवाओं के लिए कौशल विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। इस तरह की प्रतियोगिताएं तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ बिहार सरकार के कुशल और आत्मनिर्भर युवा निर्माण के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती हैं.

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