सरकारी आवेदन लंबित मिले तो होगी समीक्षा, सुपौल DM ने अधिकारियों को दिया समयबद्ध निपटारे का निर्देश

सुपौल में सरकारी योजनाओं के लाभ में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने चिंता जताई है. उन्होंने सभी अधिकारियों को लंबित आवेदनों, जैसे राशन कार्ड और दाखिल-खारिज, का तुरंत निपटारा करने का निर्देश दिया है. यह कदम आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने और योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है.

Supaul DM Review Meeting: सुपौल में सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के बाद अगर फाइल लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ती, तो सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को होती है. किसी को राशन कार्ड का इंतजार रहता है, तो कोई जमीन के दाखिल-खारिज के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाता है. इसी तरह सरकारी योजनाओं से जुड़ा आवेदन समय पर नहीं निपटने से लोगों को अपने हक का लाभ मिलने में देरी होती है.

अब ऐसे मामलों को लेकर सुपौल जिला प्रशासन ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया है. सोमवार को समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षात्मक बैठक में विभिन्न योजनाओं और जनहित से जुड़े मामलों की प्रगति की समीक्षा की गयी. डीएम ने अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने का निर्देश दिया.

सहयोग पोर्टल पर आने वाले आवेदनों पर डीएम की नजर

बैठक में सहयोग पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की भी विशेष रूप से समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों से आवेदनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली.

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया जाए. इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ना है, जो सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं.

आवेदन करने के बाद लोगों को लंबे समय तक जवाब या कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी तय समय में पूरी करने को कहा गया.

दाखिल-खारिज से राशन कार्ड तक की हुई समीक्षा

साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सिर्फ एक योजना पर चर्चा नहीं हुई. जिले में चल रहे कई जनकल्याणकारी कार्यों और लोगों से सीधे जुड़े मामलों की प्रगति को देखा गया.

न्यायालय वादों, दाखिल-खारिज, जिला जनता दरबार, जन संवाद, राशन कार्ड, एनीमिया अभियान और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी.

डीएम ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और जहां जरूरत थी, वहां आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

इन योजनाओं का दायरा सीधे आम लोगों तक पहुंचता है. ऐसे में किसी स्तर पर देरी होने पर उसका असर लाभुकों पर पड़ता है. प्रशासन की साप्ताहिक समीक्षा का उद्देश्य भी योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखना और लंबित मामलों को आगे बढ़ाना रहा.

जनहित के कामों को प्राथमिकता देने का निर्देश

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की भी समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया.

उन्होंने विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया. लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.

प्रशासनिक स्तर पर नियमित समीक्षा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि योजनाओं की घोषणा के बाद उसका वास्तविक लाभ लोगों तक समय पर पहुंचना भी उतना ही जरूरी है. आवेदन लंबित रहने या प्रक्रिया में देरी होने से योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है.

जिले से बाहर के अधिकारी भी बैठक में जुड़े

जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिले के सभी जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए. जिला मुख्यालय से बाहर पदस्थापित संबंधित अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सहभागिता की.

इस व्यवस्था के जरिए अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापित अधिकारियों से भी योजनाओं की प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी ली गयी. इससे जिला स्तर पर चल रही समीक्षा में संबंधित अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई.

Supaul DM Review Meeting: अब लंबित आवेदनों के निपटारे पर रहेगी नजर

सोमवार की बैठक के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारी सेवाओं से जुड़े ऑनलाइन आवेदनों और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है.

दाखिल-खारिज, राशन कार्ड, जनता दरबार, जन संवाद और अन्य योजनाओं से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई होने से लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है.

अब प्रशासन की साप्ताहिक समीक्षा में इन निर्देशों के अनुपालन और योजनाओं की प्रगति पर नजर रहना महत्वपूर्ण होगा. डीएम ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है.

बैठक में उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार, अपर समाहर्ता-सह-आपदा प्रबंधन मो. तारिक, अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विकास कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी गयानंद यादव, सिविल सर्जन डॉ बाबू साहब झा, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा विकास कुमार कर्ण, वरीय उप समाहर्त्ता पुष्पा कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. जिला के बाहर पदस्थापित संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े.

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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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