जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. अगस्त महीने में नशे के खिलाफ चलाये गये अभियान में पुलिस और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली. एक अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक जिले में मादक पदार्थों से जुड़े 18 मामले दर्ज किये गये और 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान 842 किलोग्राम गांजा समेत स्मैक, चरस, ब्राउन शुगर, कोडिन सिरप और मादक इंजेक्शन की भी बड़ी खेप जब्त की गयी.
842 किलो गांजा समेत इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त
समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में अगस्त माह में की गयी मादक पदार्थ निरोधक कार्रवाई की थानावार समीक्षा की गयी.
प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में 842 किलोग्राम गांजा, 546.32 ग्राम स्मैक, चरस और ब्राउन शुगर, 638 लीटर कोडिन सिरप तथा 446 एमएल मादक इंजेक्शन जब्त किये गये. कार्रवाई के दौरान नशे के कारोबार से जुड़े 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.
तस्करी में इस्तेमाल वाहन और मोबाइल भी बरामद
नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों ने तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों और अन्य सामान को भी जब्त किया. कार्रवाई में छह मोटरसाइकिल, 13 मोबाइल फोन, एक चारपहिया वाहन और एक तीनपहिया वाहन बरामद किया गया.
इसके अलावा पुलिस ने एक पिस्टल और 17 कारतूस भी बरामद किये. हथियार और कारतूस की बरामदगी के बाद नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन की सख्ती और बढ़ गयी है.
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
बैठक में जिलाधिकारी सावन कुमार ने अधिकारियों को जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.
उन्होंने अधिकारियों को समय पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. संभावित तस्करी मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा गया.
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
बैठक में सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आम लोगों और खासकर युवाओं को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया. जिलाधिकारी ने नशामुक्ति से जुड़ी गतिविधियों और जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया.
प्रशासन का जोर नशे के कारोबार पर कार्रवाई के साथ इसके सेवन को रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने पर भी है. बैठक में पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस, जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पटना से एनसीबी के प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.
