सुपौल के वीरपुर स्थित एसएसबी 45वीं बटालियन में मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई. बटालियन के कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यशाला 17 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगी. कार्यशाला का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी की घटनाओं को रोकने के साथ बल कर्मियों को ऐसे मामलों की पहचान, पीड़ितों के संरक्षण और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय को लेकर व्यावहारिक जानकारी देना है.
मानव तस्करी के स्वरूप और कारणों की दी गयी जानकारी
कार्यशाला के प्रथम दिन असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, सुपौल के एलपीओ सतीश कुमार ने एसएसबी के बल कर्मियों को मानव तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. उन्होंने मानव तस्करी की रोकथाम, इसके अलग-अलग स्वरूप, प्रमुख कारणों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया.
उन्होंने बल कर्मियों को यह भी समझाया कि मानव तस्करी के संभावित पीड़ितों की पहचान किस प्रकार की जा सकती है और ऐसे मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए किन प्रक्रियाओं का पालन किया जाना आवश्यक है.
सीमा क्षेत्र में सतर्कता और समन्वय पर जोर
कार्यशाला के दौरान मानव तस्करी की रोकथाम के लिए विभिन्न संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी चर्चा की गयी. बल कर्मियों को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ तालमेल स्थापित करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गयी.
सीमा क्षेत्र में तस्करी की संभावित गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध परिस्थितियों में संवेदनशील तरीके से कार्रवाई करने को लेकर भी प्रशिक्षण दिया गया.
बल कर्मियों को संवेदनशील बनाना कार्यशाला का उद्देश्य
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एसएसबी के जवानों को मानव तस्करी से संबंधित मामलों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना है. इसके साथ ही सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए बल कर्मियों की कार्यक्षमता को अधिक प्रभावी बनाना भी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है.
दो दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से जवानों को मानव तस्करी से जुड़े मामलों में आवश्यक सावधानी, पीड़ितों की पहचान और संरक्षण तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय की जानकारी दी जा रही है.
अधिकारियों और जवानों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में एसएसबी 45वीं बटालियन वीरपुर के अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण और अन्य बल कर्मियों ने सहभागिता की. कार्यशाला के दूसरे दिन भी मानव तस्करी की रोकथाम और इससे जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेगा.
