Simrahi Blood Donation Camp: सिमराही में रविवार को युवाओं ने इसी मानवीय सोच की मिसाल पेश की. रेफरल अस्पताल राघोपुर परिसर में कोशी रक्तवीर सेवा संगठन की ओर से आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
शिविर में कुल 52 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जबकि आयोजकों ने 51 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा था. यानी रक्तदाताओं के उत्साह ने निर्धारित लक्ष्य को भी पीछे छोड़ दिया.
शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ युवाओं को सामाजिक और मानवीय गतिविधियों से जोड़ना था.
दीप प्रज्ज्वलन से हुई शिविर की शुरुआत
रक्तदान शिविर का उद्घाटन वीरपुर एसडीएम विनय कुमार, बीडीओ सत्येंद्र कुमार, रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. दीप नारायण राम, पूर्व मुखिया प्रो. बैद्यनाथ प्रसाद भगत, पूर्व प्रमुख महेंद्र प्रसाद गुप्ता, ब्रिगेडियर प्रणव जायसवाल, बिंदा प्रसाद गुप्ता और काशी गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
इसके बाद राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. संगठन की टीम ने कार्यक्रम में पहुंचे पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मिथिला पाग, शॉल और पौधा भेंट कर सम्मानित किया.
इस दौरान रक्तदान के महत्व और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गयी.
51 यूनिट का लक्ष्य, 52 यूनिट रक्त हुआ जमा
कोशी रक्तवीर सेवा संगठन के अध्यक्ष गुड्डू गुप्ता ने बताया कि शिविर के लिए 51 यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य तय किया गया था. लोगों के उत्साह के कारण लक्ष्य से अधिक 52 यूनिट रक्त संग्रह किया गया.
उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने के लिए किया जाता है. समय पर रक्त मिलने से गंभीर स्थिति में मरीज और उसके परिवार को बड़ी राहत मिल सकती है.
एसडीएम बोले, नशे से नहीं, सेवा से जुड़ें युवा
शिविर में युवाओं की भागीदारी देखकर वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने संगठन की सराहना की.
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को अक्सर नशे और दूसरी नकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सिमराही के युवाओं ने सामाजिक सेवा का सकारात्मक उदाहरण सामने रखा है.
एसडीएम ने कहा कि दूसरे युवाओं को भी कोशी रक्तवीर सेवा संगठन की टीम से प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने संगठन को प्रशासनिक और व्यक्तिगत सहयोग का भरोसा भी दिया.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रात के समय भी यदि संगठन को उनकी आवश्यकता होगी, तो वे टीम के साथ खड़े रहने का प्रयास करेंगे.
रक्त की जरूरत के समय काम आयेगा यह योगदान
रक्तदान शिविर का सबसे बड़ा उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा. अस्पतालों में कई बार मरीज के परिजनों को अचानक रक्त की जरूरत पड़ती है. ऐसे समय में रक्त की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन जाता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर इस समस्या को कम करने में मददगार साबित होते हैं. ऐसे आयोजनों से रक्त का संग्रह होने के साथ समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है.
Simrahi Blood Donation Camp: पूरी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
शिविर को सफल बनाने में संगठन के प्रमोद साह, मयंक गुप्ता, द्रविड़ राज, मोहम्मद अरमान, संदीप कुमार, कन्हैया दास, गणेश शर्मा, रंजीत कुमार, गुड्डू दास समेत पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभायी.
शिविर के प्रायोजक जनता हॉस्पिटल और ब्लू मेडिक्स रहे.
कार्यक्रम में नगर पंचायत सिमराही की उपमुख्य पार्षद विनिता देवी, वार्ड पार्षद स्मृति कुमारी, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि रिंकू भगत समेत कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
सिमराही में आयोजित यह शिविर सिर्फ 52 यूनिट रक्त संग्रह तक सीमित नहीं रहा. इसने यह संदेश भी दिया कि यदि युवा किसी सामाजिक उद्देश्य के लिए एकजुट हों, तो वे किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने की वजह बन सकते हैं.
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