वीरपुर. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 07 स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रविवार को शिव अवतरण दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर दर्जनों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. केंद्र की संचालिका देवी दीदी को विशेष रूप से सजाया गया व भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई. जहां सेवा केंद्र की प्रमुख देवी दीदी ने ब्रह्माकुमारी ध्वज फहराकर उपस्थित सभी भैया-बहनों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दी. इसके पश्चात भगवान शिव के पावन शिवलिंग पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए. भक्ति गीतों एवं राजयोग ध्यान के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गहन आत्मिक शांति का अनुभव किया. शिव जयंती के प्रतीक स्वरूप केक काटकर आध्यात्मिक उत्सव मनाया गया, जो भाईचारे और एकता का संदेश देता नजर आया. कार्यक्रम में अनिल उपाध्याय, भिखारी मेहता, जियाराम पोद्दार, राजाराम सहनी, तनुकलाल मेहता, अनिल पौद्दार, मुकेश भाई, वीणा देवी, रानी देवी, होमा बहन, संतोषी बहन, मालती बहन, रमिला उपाध्याय, रेणु पांडेय सहित अनेक भैया-बहनों ने शिव अवतरण के महत्व पर अपने विचार साझा किए. अपने संबोधन में देवी दीदी ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्म-जागृति का दिव्य संदेश है. भगवान शिव निराकार, ज्योति स्वरूप परमपिता हैं, जो मानव को सत्य, शांति और पवित्रता का मार्ग दिखाते हैं. जब व्यक्ति राजयोग के माध्यम से आत्मचिंतन करता है, तभी सच्चे अर्थों में शिव जयंती मनाई जाती है. उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में आध्यात्मिक शक्ति ही जीवन को संतुलन प्रदान कर सकती है. कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति, मानव कल्याण और सद्भावना के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई. सीमा क्षेत्र में आयोजित यह शिव जयंती महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि आध्यात्मिक एकता और नैतिक जागरूकता का सशक्त संदेश भी दे गया.
धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि पर शिव अवतरण दिवस
केंद्र की संचालिका देवी दीदी को विशेष रूप से सजाया गया व भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया
