Sant Ravidas 650th Jayanti : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को पटना के ज्ञान भवन से प्रेषित पवित्र कलश सुपौल पहुंचा. कलश को शहर के गांधी मैदान स्थित मां दुर्गा स्थान लाया गया, जहां श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धापूर्वक उसका स्वागत किया. कलश के आगमन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौके पर पहुंचे. पूरे कार्यक्रम के दौरान संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता और समानता का संदेश गूंजता रहा.
पवित्र कलश के दर्शन के लिए जुटे श्रद्धालु
सुपौल पहुंचने पर पवित्र कलश के स्वागत को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. 20 सूत्री कार्यान्वयन समिति के सदस्यों, गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने कलश का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया.
लोगों ने संत गुरु रविदास जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया. श्रद्धालुओं ने पवित्र कलश के दर्शन किए और संत रविदास जी के जीवन एवं आदर्शों के बारे में जानकारी प्राप्त की.
समानता और सामाजिक न्याय का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया. उन्होंने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाते हुए समतामूलक समाज की कल्पना को मजबूत किया.
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भी संत रविदास जी के विचार सामाजिक सद्भाव और समानता पर आधारित समाज के निर्माण के लिए बेहद प्रासंगिक हैं. लोगों से उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में भेदभाव समाप्त करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया गया.
जन-जागरूकता कार्यक्रम में लोगों ने लिया हिस्सा
पवित्र कलश के आगमन के साथ संत रविदास जी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों पर आधारित जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. इसमें मौजूद लोगों को उनके सामाजिक संदेश और मानवतावादी विचारों से अवगत कराया गया.
वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं समाज को जोड़ने का काम करती हैं. उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की जरूरत है.
गांधी मैदान में दिखा श्रद्धा और समरसता का माहौल
पवित्र कलश के आगमन के दौरान गांधी मैदान स्थित मां दुर्गा स्थान का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश से ओत-प्रोत रहा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया.
लोगों ने संत रविदास जी के आदर्शों को आत्मसात करने, समाज में भाईचारा बढ़ाने और समानता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया. पवित्र कलश के सुपौल पहुंचने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया.
