राजस्व कर्मचारियों ने काला पट्टी बांधकर किया काम

पांच फरवरी को समाहरणालय गेट पर धरना की चेतावनी

– पांच फरवरी को समाहरणालय गेट पर धरना की चेतावनी सुपौल. जिले में राजस्व विभाग से जुड़े कर्मियों का विरोध अब लगातार तेज होता जा रहा है. मंगलवार को जिले भर के राजस्व कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर काला पट्टी बांधकर काम किया. सरकार व प्रशासन के खिलाफ मौन विरोध दर्ज कराया. यह विरोध राजस्व कर्मचारी संघ (गोप गुट) के आह्वान पर किया गया. जिसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना है. राजस्व कर्मचारी संघ गोप गुट के जिला सचिव विकास कुमार पाठक ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की कई मांगें वर्षों से लंबित हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि बार-बार ज्ञापन सौंपने और वार्ता के बावजूद सरकार और विभागीय स्तर पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया. जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है. विकास कुमार पाठक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आगामी 05 फरवरी 2026 को समाहरणालय के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह धरना शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसके माध्यम से सरकार को यह संदेश दिया जाएगा कि राजस्व कर्मचारी अब और उपेक्षा सहन करने को तैयार नहीं हैं. कहा कि राजस्व कर्मचारी विभाग की रीढ़ हैं. जमीन से जुड़े अधिकांश कार्य, दाखिल-खारिज, लगान रसीद, जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र से संबंधित प्रक्रिया इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से पूरी होती है. ऐसे में उनकी समस्याओं की अनदेखी करना न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि आम जनता के हितों के भी खिलाफ है. पहले से जारी है अधिकारियों की हड़ताल जिले में पहले से ही 02 फरवरी 2026 से अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. ऐसे में अब राजस्व कर्मचारियों द्वारा काला पट्टी लगाकर विरोध किए जाने से जिले की राजस्व व्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है. हालांकि कर्मचारियों ने यह स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल कार्य का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं, बल्कि काला पट्टी लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज करा रहे हैं. राजस्व कर्मचारियों का कहना है कि वे आम लोगों को पूरी तरह से परेशानी में डालना नहीं चाहते, लेकिन यदि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो उन्हें आंदोलन को और व्यापक करना पड़ेगा. प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती एक ओर जहां अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी ओर राजस्व कर्मचारियों का आंदोलन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. जिले में जमीन से जुड़े मामलों की संख्या पहले से ही अधिक है. ऐसे में राजस्व विभाग में जारी इस असंतोष का सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है. प्रशासन ने हाल ही में आदेश जारी कर अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारियों का प्रभार प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सौंपने का निर्देश दिया है, ताकि राजस्व कार्य पूरी तरह से ठप न हों. लेकिन कर्मचारियों के आंदोलन से यह व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. आम लोगों पर पड़ सकता है असर राजस्व विभाग में चल रहे इस आंदोलन का असर धीरे-धीरे आम जनता पर भी दिखने लगा है. दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ऑनलाइन सेवाओं और विभिन्न प्रमाण पत्रों के निपटारे की गति धीमी हो रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >