प्रतापगंज में किसानों को मिली खेती की नई तकनीक की जानकारी, खरीफ फसलों को रोग-कीट से बचाने के बताए उपाय

प्रतापगंज में आयोजित किसान गोष्ठी में खरीफ फसलों को रोग और कीटों से बचाने के वैज्ञानिक तरीकों पर जोर दिया गया. किसानों को जैविक खेती और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.

सुपौल, प्रतापगंज. प्रखंड कृषि कार्यालय प्रतापगंज में बुधवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण यानी आत्मा के तत्वावधान में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान खरीफ मौसम में फसलों को रोग और कीटों से बचाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने को लेकर किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.

दीप प्रज्वलित कर हुआ किसान गोष्ठी का शुभारंभ

किसान गोष्ठी का शुभारंभ प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रियांशु राज, कृषि वैज्ञानिक राघोपुर नित्यानंद राय एवं आत्मा अध्यक्ष हरिहर भिंडवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के साथ वैज्ञानिक तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया.

कार्यक्रम में किसानों ने खरीफ मौसम में खेती के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कृषि तकनीकों की जानकारी दी.

फसल में रोग या कीट दिखे तो तुरंत करें निगरानी

कृषि वैज्ञानिक नित्यानंद राय ने खरीफ मौसम में फसलों में होने वाले विभिन्न रोगों और कीटों से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने की सलाह दी, ताकि शुरुआती स्तर पर ही रोग या कीट के प्रकोप का पता लगाया जा सके. उन्होंने कहा कि खेत में फसल का नियमित निरीक्षण करने से समस्या की पहचान समय पर की जा सकती है. रोग या कीट का प्रकोप दिखाई देने पर किसानों को उचित कृषि तकनीक अपनानी चाहिए. कृषि वैज्ञानिक ने फसल की स्थिति के अनुसार कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर आवश्यक उपाय करने पर भी जोर दिया.

आत्मा योजना की किसानों को दी गई जानकारी

सहायक तकनीकी प्रबंधक दिवाकर प्रसाद शर्मा ने किसानों को आत्मा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने योजना के माध्यम से किसानों को मिलने वाली कृषि संबंधी जानकारी और तकनीकी सहयोग के बारे में बताया.

उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी लेने और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसान खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.

जैविक खेती से टिकाऊ कृषि पर जोर

कृषि समन्वयक अरविंद चौधरी ने किसानों को जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि खेती में टिकाऊ तरीके अपनाने की दिशा में जैविक कृषि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

उन्होंने किसानों को जैविक खेती के माध्यम से खेती को अधिक टिकाऊ बनाने के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी. साथ ही किसानों को कृषि कार्य में उपलब्ध वैज्ञानिक तकनीकों और विभागीय मार्गदर्शन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया.

बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल

किसान गोष्ठी में किसान सलाहकार सत्यनारायण प्रसाद, मनोज निराला, नरेश कुमार, जयप्रकाश मंडल, रविंद्र मलिक, अशोक मेहता सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान किसानों और कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच खेती से संबंधित विषयों पर संवाद भी हुआ. अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे फसल में किसी भी तरह की समस्या होने पर समय रहते कृषि विभाग के कर्मियों और विशेषज्ञों से संपर्क करें. खरीफ मौसम में फसलों की नियमित निगरानी के साथ वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर किसान संभावित रोग और कीट प्रकोप से फसल को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By सरोज कुमार

सरोज कुमार प्रिंट माध्यम में 13 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. प्रतापगंज (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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