आवश्यक सेवाओं की प्रधान सचिव ने की समीक्षा, दिये कई निर्देश

बैठक में जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया

सुपौल. कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, एलपीजी वितरण, उर्वरक आपूर्ति तथा प्रवासी श्रमिकों के हितों से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने जानकारी दी कि जिले में कुल 51 गैस एजेंसियां कार्यरत है. जिनमें 26 एलओसीएल, 09 बीपीसीएल और 16 एचपीसीएल एजेंसियां शामिल है. जिले में करीब 5.12 लाख एलपीजी उपभोक्ता है. वर्तमान में विभिन्न कंपनियों के पास पर्याप्त गैस स्टॉक उपलब्ध है. उपभोक्ताओं की बुकिंग के अनुसार वितरण की प्रक्रिया जारी है. प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि नियमित समीक्षा करते हुए समय पर गैस वितरण सुनिश्चित करें, ताकि कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके. आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. जिसका टोल फ्री नंबर 06473-224005 जारी किया गया है. इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए गए. बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में फिलहाल पीएनजी कनेक्शन शून्य है. इस पर प्रधान सचिव ने संबंधित एजेंसियों को शीघ्र कार्य प्रारंभ कर आमजन को पाइप्ड गैस सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि केवल वाहनों में ही ईंधन दिया जाए. केन या जार में ईंधन देने पर रोक लगाने को कहा गया. ताकि जमाखोरी की संभावना समाप्त हो सके. राष्ट्रीय राजमार्ग और शहरी क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया. मूल्य नियंत्रण के तहत प्रखंड स्तर पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है, जो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की निगरानी कर रहे है. जिला स्तर पर मूल्य नियंत्रण कोषांग भी सक्रिय है. प्रवासी श्रमिकों के संबंध में बताया गया कि श्रमिक एप्प के माध्यम से 12 हजार 546 मजदूरों का पंजीकरण किया गया है. पंचायत स्तर पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिले में यूरिया, डीएपी समेत अन्य खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. सभी खाद दुकानों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जा रही है. सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक तस्करी रोकने के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. प्रधान सचिव ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उर्वरक वितरण या अन्य आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता एवं जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. बैठक में पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस, उप विकास आयुक्त सारा असरफ, अपर समाहर्ता सचिदानंद सुमन सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >