सुपौल. जिला के रतनपुर गांव निवासी प्रणय झा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 27 जनवरी 2026 को देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी), देहरादून में कैडेट के रूप में प्रवेश प्राप्त किया है. प्रणय झा, रंजीत रंजन झा व रिचा झा के पुत्र हैं. प्रणय के दादा स्व शिवशंकर झा बिहार प्राथमिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षक रह चुके हैं, जबकि वे नया बाज़ार निवासी सुरेंद्र झा के नाती बाबू हैं. शिक्षा, अनुशासन और संस्कार की पारिवारिक परंपरा का ही परिणाम है कि प्रणय ने इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. देशभर से हुई कठिन और बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया में मात्र 26 कैडेटों का चयन किया गया, जिसमें प्रणय झा का चयन होना न केवल परिवार बल्कि पूरे सुपौल जिले के लिए गर्व का विषय है. दो भाइयों ने रचा दुर्लभ कीर्तिमान उल्लेखनीय है कि प्रणय के बड़े भाई चैतन्य झा पहले ही 26 जुलाई 2025 को आरआईएमसी में चयनित हो चुके हैं. इस प्रकार एक ही परिवार के दो सगे भाइयों का देश के सर्वोच्च सैन्य शिक्षण संस्थान में चयन होना एक दुर्लभ और अत्यंत प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है. दोनों भाइयों का लक्ष्य भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ब्रांच में शामिल होकर देश की सेवा करना है. एनडीए का प्रमुख फीडर संस्थान है आरआईएमसी राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी), देहरादून भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन एआरटीआरएसी द्वारा संचालित एक प्रतिष्ठित सैन्य शिक्षण संस्थान है, जिसे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) का प्रमुख फीडर संस्थान माना जाता है. यहां से निकलने वाले कैडेट देश की थल, जल और वायु सेनाओं में उच्च पदों पर सेवा देते हैं. प्रणय झा की इस उपलब्धि से रतनपुर गांव, नया बाज़ार, परिवारजनों और पूरे सुपौल जिले में हर्ष और गर्व का वातावरण है. स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए प्रणय और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं.
प्रणय झा का आरआईएमसी में हुआ चयन, लोगों में खुशी
एनडीए का प्रमुख फीडर संस्थान है आरआईएमसी
