डायरिया से डर नहीं कार्यक्रम के तहत निकाली गई प्रभातफेरी

विश्व ओआरएस दिवस पर जन-जागरूकता अभियान

– विश्व ओआरएस दिवस पर जन-जागरूकता अभियान – लोगों को डायरिया से बचाव के उपायों व ओआरएस के सही उपयोग की दी जानकारी सुपौल. विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर जिले में डायरिया से डर नहीं कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सदर अस्पताल से जागरूकता प्रभातफेरी निकाली गई. यह आयोजन पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केन्व्यू के सहयोग से किया गया, जिसका शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर के दिशा-निर्देश में हुआ. प्रभातफेरी में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ ममता कुमारी, डीपीएम मिन्नतुल्लाह, डीसीएम अभिषेक कुमार, अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद, यूनिसेफ की अनुपमा चौधरी, डब्ल्यूएचओ के डॉ पुनीत कुमार, पीएसआई इंडिया के प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मैनेजर प्रदीप कुमार सिन्हा, फील्ड कोऑर्डिनेटर सतीश कुमार, डाटा ऑपरेटर सुमित कुमार व नर्सिंग कॉलेज सुपौल की प्रिंसिपल भारती कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे. यूनिसेफ के बीएमसी तनवीर आलम, छात्राएं रूबी कुमारी, साक्षी कुमारी, ऋतु, नेहा, चंदा कुमारी सहित अन्य प्रशिक्षु नर्सों ने भी सक्रिय भागीदारी की. सीएस डॉ ठाकुर ने बताया कि इस जन-जागरूकता प्रभातफेरी का मुख्य उद्देश्य डायरिया की शीघ्र पहचान, रोकथाम व उपचार के प्रभावी तरीकों जैसे ओआरएस घोल व जिंक की महत्ता के बारे में आमजन को जागरूक करना था. प्रतिभागियों ने शहर में विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों को डायरिया से बचाव के उपायों और ओआरएस के सही उपयोग की जानकारी दी. कहा कि डायरिया एक सामान्य लेकिन घातक बीमारी हो सकती है, यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए. ओआरएस और जिंक का उपयोग इसकी रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है.

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