सावित्रीबाई फुले की मनी जयंती, तैलचित्र पर किया माल्यार्पण

लाखों देवी पुस्तकालय परिसर में जयंती समारोह का हुआ आयोजन

– लाखों देवी पुस्तकालय परिसर में जयंती समारोह का हुआ आयोजन जदिया. कोरियापट्टी पूरब पंचायत के वार्ड नंबर 01 स्थित लाखों देवी पुस्तकालय परिसर में शनिवार को समाज सुधारक, शिक्षाविद् एवं महिला शिक्षा की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणादायक वातावरण में मनाई गई. इस अवसर पर समारोह सह विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. समारोह की शुरुआत सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई. लोगों ने सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष और समाज सुधार में उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया. विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थी. जिन्होंने उन्नीसवीं सदी में उस दौर में बालिका शिक्षा की अलख जगाई. जब महिलाओं को पढ़ाना सामाजिक अपराध माना जाता था. सामाजिक विरोध, अपमान और अत्याचारों को सहते हुए भी उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया. उन्होंने न केवल बालिकाओं बल्कि दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए भी विद्यालय स्थापित कर शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाया. कहा कि सावित्रीबाई फुले ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, बाल विवाह के विरोध और सामाजिक समानता के लिए आजीवन संघर्ष किया. उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और शिक्षा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है. कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन और विचार आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास की जरूरत है. शिक्षा के बिना समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है . उन्होंने पंचायत स्तर पर शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यों को और मजबूती से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई. कहा कि आज भी समाज में लैंगिक असमानता और भेदभाव जैसी समस्याएं मौजूद हैं, जिनके समाधान के लिए सावित्रीबाई फुले के विचारों को आत्मसात करना जरूरी है. कार्यक्रम को मुखिया राजेश कुमार, कांग्रेस नेता शत्रुघ्न चौधरी, प्रो राजेंद्र मेहता, कृष्णा राज, नीतू कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर आधारित पुस्तक भेंट की गई. समारोह के अंत में आयोजकों द्वारा अतिथियों, वक्ताओं और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया गया.

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