आधुनिक पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीक हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण

अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “एम्पावरिंग द फ्यूचर : पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एंड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स” का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ.

सुपौल. अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “एम्पावरिंग द फ्यूचर : पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एंड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स” का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ. जिसकी शुरुआत प्रकाश कुमार के व्याख्यान से हुई. उन्होंने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कन्वर्टर एप्लिकेशन इन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, डीसी-डीसी कन्वर्टर्स डिजाइन एवं उच्च प्रदर्शन वाले चार्जिंग सिस्टम की आवश्यकता विषय पर जानकारी दिये. उन्होंने डीसी-डीसी कन्वर्टर्स की विभिन्न टोपोलॉजी, स्विचिंग तकनीकों, पावर लॉस रिडक्शन, थर्मल मैनेजमेंट तथा विषय पर विस्तार से चर्चा की. द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मेघालय के माधव कुमार ने सौर ऊर्जा प्रणालियों हेतु उच्च पावर इलेक्ट्रॉनिक कन्वर्टर डिज़ाइन एवं इंटेलीजेंट एमपीपीटी टेक्नोलॉजी से संबंधित विषय पर व्याख्यान किया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधुनिक पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीकें न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि वे सतत विकास और हरित ऊर्जा की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. तृतीय सत्र में संदीप यूनिवसिर्टी सिजोल की पूजा झा ने लोड फ्रीक्वेंसी कंट्रोल, जनरेशन कण्ट्रोल, दो क्षेत्रों के बीच टाई-लाइन पावर फ्लो से संबंधित विषय पर वार्ता दी. उन्होंने उद्योग और अकादमिक क्षेत्र तथा छात्र-छात्राओं के लिए करियर के अवसरों पर विशेष जोर दिया. अंतिम सत्र में ओम प्रकाश दुबे द्वारा इंटीग्रेटेड सर्किट डिजाइन एवं प्रोटियस सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया.

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