रमजान की रौनक में बाजार गुलजार, महंगाई के बावजूद इबादत और परंपरा पर भारी आस्था

बाजार में लगभग सभी जरूरी सामान महंगे हो गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग परंपरा निभाने से पीछे नहीं हट रहे.

सुपौल रमजान के पाक महीने में इबादत का खास शबाब देखने को मिल रहा है. रोजेदार पूरे उत्साह के साथ रोजा रखकर इबादत में मशगूल हैं और ईद की तैयारियों में जुट गए हैं. रमजान को लेकर बाजारों में भी खास चहल-पहल है. लच्छा, सेवई, खजूर और फलों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. लगभग हर घर में मीठे पकवान बन रहे हैं और खासकर सेहरी व इफ्तार के समय सेवई और लच्छा का स्वाद लोग खूब ले रहे हैं. लच्छा और सेवई में काजू, किशमिश, बादाम समेत अन्य सूखे मेवे डाले जा रहे हैं, जिससे ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी भी बढ़ गई है. इसके साथ ही खजूर की मांग में भी इजाफा हुआ है. शहर के महावीर चौक, स्टेशन चौक, लोहिया नगर चौक, पटेल चौक और हुसैन चौक पर देर शाम तक अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है. रोजेदारों के बीच हैदराबादी सेवई पहली पसंद बनी हुई है, वहीं इसके उपलब्ध नहीं होने पर लोग बनारसी सेवई से काम चला रहे हैं. महंगाई से परेशान रोजेदार, गरीब तबका सबसे अधिक प्रभावित हालांकि इस बार रमजान में महंगाई ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. खासकर गरीब तबके के रोजेदारों को बढ़ती कीमतों की मार झेलनी पड़ रही है. बाजार में लगभग सभी जरूरी सामान महंगे हो गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग परंपरा निभाने से पीछे नहीं हट रहे. रोजेदारों का कहना है कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का होता है, जो काफी इंतजार के बाद आता है. ऐसे में इफ्तार और सेहरी की तैयारियों में कटौती करना उन्हें मंजूर नहीं. दुकानदारों का भी कहना है कि रमजान के दौरान वे मुनाफाखोरी से परहेज करते हैं और यथासंभव उचित दाम पर सामान उपलब्ध कराने की कोशिश करते हैं. फलों के दामों में 30 से 40 प्रतिशत तक उछाल रमजान के महीने में फलों और सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है. फलों की मांग बढ़ने के कारण कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है. फल विक्रेताओं के अनुसार बीते एक सप्ताह में दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे आम लोग खासे परेशान हैं. स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक रमजान से पहले 20 रुपये प्रति दर्जन बिकने वाला केला अब 40-60 रुपये प्रति दर्जन हो गया है. इसी तरह 60 रुपये किलो वाला संतरा 100 रुपये किलो, 100 रुपये किलो बिकने वाला अनार 160 से 260 रुपये किलो, 45 रुपये किलो का पपीता 60 रुपये किलो, 70 रुपये किलो वाला अंगूर 160-200 रुपये किलो और 100 रुपये किलो बिकने वाला सेब अब 160 रुपये किलो तक बिक रहा है. महंगाई के बावजूद रमजान की रौनक और इबादत का जज्बा रोजेदारों के चेहरों पर साफ झलक रहा है, और लोग पूरे श्रद्धा व उत्साह के साथ इस पाक महीने की बरकतों में डूबे हुए हैं.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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