राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हुईं ममता कार्यकर्ता, लंबित मांगों को लेकर किया धरना-प्रदर्शन

राज्य स्वास्थ्य समिति को सौंपा मांग-पत्र, समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग

– राज्य स्वास्थ्य समिति को सौंपा मांग-पत्र, समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग सुपौल. बिहार राज्य ममता कार्यकर्ता संघ शाखा सुपौल (सम्बद्ध बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सीटू) के आह्वान पर गुरुवार को राष्ट्रीय श्रम संगठनों द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में ममता कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. इस दौरान सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों से संबंधित ज्ञापन कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, पटना को प्रेषित किया. संघ की जिलाध्यक्ष सुशीला देवी ने कहा कि ममता कार्यकर्ता वर्षो से सरकारी संस्थानों में प्रसवोत्तर सेवाएं देकर जच्चा-बच्चा सुरक्षा अभियान को गति दे रही हैं. तीन शिफ्टों में कार्य करने के बावजूद उन्हें प्रति प्रसव मात्र 300 रुपये सामूहिक प्रोत्साहन राशि मिलती है. कई महीनों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित है, जिससे कार्यकर्ताओं के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. मांग-पत्र में 4 श्रम कोड लागू नहीं करने, बकाया प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान, न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक, सरकारी सेवक का दर्जा, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, प्रत्येक ममता को 10 हजार रुपये मासिक मानदेय, बेगार प्रथा पर रोक, यूनिफॉर्म एवं बैठने के लिए कक्ष की व्यवस्था, ईएसआई एवं आयुष्मान कार्ड की सुविधा तथा कार्यकाल में मृत्यु पर आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल है. कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष सुशील देवी, सरस्वती देवी, रूपा देवी, ममता देवी, रेखा देवी, चन्द्रकला देवी, भारती देवी, अनीता देवी, नीलम देवी आदि मौजूद थी.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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