सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप जलजमाव की गंभीर समस्या से स्थानीय लोग और छात्र-छात्राएं बेहाल हैं. हल्की बारिश होते ही मुख्य सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो रहा है. सुपौल शहर को इंजीनियरिंग कॉलेज और आसपास के ग्रामीण इलाकों से जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, लेकिन जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से लोगों को फजीहत झेलनी पड़ रही है.
जलजमाव से दुर्घटना की आशंका, पैदल चलना भी दूभर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर पक्का नाला (ड्रेनेज सिस्टम) नहीं बनाया गया है, जिसके कारण बारिश का पानी महीनों तक सड़क पर ही जमा रहता है:
- छात्रों और वाहन चालकों की परेशानी: इंजीनियरिंग कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने व गंदे पानी से होकर गुजरने की मजबूरी बनी रहती है.
- पैदल राहगीर बेबस: जलजमाव के कारण सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है.
जल्द कराया जाएगा नाले का निर्माण: स्वच्छता पर्यवेक्षक
जलजमाव की इस गंभीर समस्या पर नगर परिषद प्रशासन ने संज्ञान लिया है. नगर परिषद की स्वच्छता पर्यवेक्षक शालू सिंह ने बताया:
प्रशासनिक आश्वासन: "विभाग को वार्ड संख्या 26 स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप जलजमाव की पूरी जानकारी है. उक्त स्थान पर जलनिकासी के लिए जल्द ही नाला निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा. नाला बन जाने के बाद बारिश के पानी की समुचित निकासी हो सकेगी और लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी."
नगर परिषद की त्वरित कार्रवाई का इंतजार
स्थानीय नागरिकों और छात्रों ने मांग की है कि नगर परिषद केवल आश्वासन देने के बजाय धरातल पर जल्द से जल्द नाले का निर्माण कार्य शुरू कराए, ताकि मानसून के दौरान होने वाली दैनिक परेशानियों से राहत मिल सके.
