Birpur Legal Awareness Camp: वीरपुर के बैनर तले रविवार को स्थानीय आदर्श कोसी महिला महाविद्यालय परिसर में 'विधिज्ञ जागरूकता अभियान' के अंतर्गत एक दिवसीय विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं और कानूनविदों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों को सूचना का अधिकार (RTI) कानून के महत्व से अवगत कराया.
प्राचार्य अनिल कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में कार्यक्रम, अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों का जुटाव
जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता आदर्श कोसी महिला महाविद्यालय के प्राचार्य अनिल कुमार ठाकुर ने की. इस अवसर पर वीरपुर व्यवहार न्यायालय के विधिज्ञ संघ के पैनल अधिवक्ता प्रभाकर सिंह एवं जय गणेश सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. इसके साथ ही अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्य अनिल कुमार ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में ऐसे विधिक जागरूकता अभियानों से युवाओं और महिलाओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को समझने में मदद मिलती है.
'सूचना का अधिकार ही भ्रष्टाचार से मुक्ति का एकमात्र जरिया': अधिवक्ता प्रभाकर सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता प्रभाकर सिंह ने कहा कि आज भी ग्रामीण और दूर-दराज के अंचलों में जानकारी के अभाव में लोग अलग-अलग सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं. प्रक्रिया की जटिलता और अज्ञानता के कारण आम नागरिक अक्सर भ्रष्टाचार के दुष्चक्र में फंस जाते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या से निपटने का एकमात्र सशक्त और प्रभावी विकल्प 'सूचना का अधिकार अधिनियम' (RTI Act) है. उन्होंने कहा कि यह अधिकार हर भारतवासी का एक बहुत बड़ा कानूनी हथियार है, जिससे किसी भी सरकारी तंत्र से सटीक और प्रामाणिक सूचनाएं हासिल की जा सकती हैं.
मात्र ₹10 के खर्च में सरकारी योजनाओं और खर्च का ब्योरा मांगने का कानूनी हक
अधिवक्ता प्रभाकर सिंह ने RTI कानून की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि भारत का कोई भी नागरिक महज ₹10 का आवेदन शुल्क देकर किसी भी सरकारी विभाग, पंचायत, प्रखंड या जिला स्तरीय कार्यालय से सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उन पर हुए खर्च का पूरा ब्योरा मांग सकता है. इससे न केवल योजनाओं में पारदर्शिता आती है, बल्कि किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सकता है. उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन और सार्वजनिक हित के मामलों में इस कानून का निडर होकर उपयोग करें ताकि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की स्थापना हो सके.
Birpur Legal Awareness Camp: पैरा लीगल वॉलंटियर्स की मौजूदगी और सामाजिक प्रभाव
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के पीएलवी (PLV) हीरा प्रसाद गुप्ता, प्रदीप कुमार मल्लिक, ललिता कुमारी, पूजा मल्लिक, रीता कुमारी सहित दर्जनों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे. पीएलवी के सदस्यों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि यदि उन्हें आरटीआई आवेदन लिखने या विधिक सहायता प्राप्त करने में कोई कठिनाई आती है, तो वे निशुल्क विधिक सहायता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं.
