कोसी नदी के जलस्तर में फिर हुई बढ़ोतरी

सिकरहट्टा मझारी विस्तारित बांध पर 20 मीटर सिंकिंग

सुपौल/वीरपुर. कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गयी है. मंगलवार को नदी का जलस्तर 1.90 लाख क्यूसेक को पार कर गया. जल स्राव के लिए कोसी बराज के 26 फटक को खोल दिया गया है. जानकारी अनुसार पिछले 24 घंटे से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. बताया जा रहा है कि कोसी नदी के जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद सबसे पहले बराह क्षेत्र के जलस्तर में सोमवार की शाम छह बजे से बढ़ोतरी होनी शुरुआत हुई. यह जलस्तर 1.01 लाख बढ़ोतरी के साथ मंगलवार की दोपहर 12 बजे बढ़कर 1,37,375 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया. हालांकि इसके बाद बराह क्षेत्र के जलस्तर में कमी होने लगी. इधर दूसरी ओर कोसी नदी के जलस्तर में सोमवार की रात 10 बजे के बाद बढ़ोतरी होनी शुरुआत हुई. जलस्तर 1,90,360 क्यूसेक तक पहुंच गया. मंगलवार की शाम छह बजे कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम से मिली जानकारी अनुसार कोसी नदी का जलस्तर 1,90,360 क्यूसेक स्थिरावस्था में दर्ज किया गया. जबकि जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र के जलस्तर में कमी हो रही है. जो राहत की बात है. शाम छह बजे बराह क्षेत्र का जलस्तर घटकर 1,23,500 क्यूसेक घटते क्रम में दर्ज किया गया है. पहाड़ी इलाके में बारिश थमने के बाद नदी के जलस्तर में कमी होने की संभावना बतायी जा रही है. सिंचाई के लिए पूर्वी कोसी मुख्य नहर में 7500 क्यूसेक और पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में 6200 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. सिकरहट्टा मझारी विस्तारित बांध पर 20 मीटर सिंकिंग वीरपुर मुख्यालय स्थित जल संसाधन विभाग के कौशिकी भवन अवस्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी अनुसार कोसी नदी के घटते और बढ़ते जलस्तर के बीच निर्मली डिवीजन में सिकरहट्टा – मझारी के विस्तारित बांध के 17.20 किमी पर 20 मीटर क्षेत्र में सिंकिंग की प्रवृति बनी है. जिसे फ्लड फाइटिंग फ़ोर्स के चेयरमेन विष्णुकांत पाठक के परामर्श और बाढ़ नियंत्रण एवं जल निःसंरण के चीफ इंजीनियर वरुण कुमार के आदेशानुसार बाढ़ संघर्षणात्मक कार्य कराकर स्थल को सुरक्षित किया ना रहा है. पूछे जाने पर चीफ इंजीनियर वरुण कुमार ने बताया कि नेपाल में हुई बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी जरूर हुई थी. लेकिन अब बराह क्षेत्र के जलस्तर में तेजी से कमी हो रही है. तटबंध के सभी स्पर और स्टर्ड अपने अवयवों के साथ सुरक्षित है. सतत निगरानी और चौकसी जारी है.

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