नेपाल में बारिश के बाद बढ़ा कोसी नदी का जलस्तर, वीरपुर बराज पर 1.72 लाख क्यूसेक पहुंचा डिस्चार्ज

नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. वीरपुर बराज पर जलस्तर 1.72 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया है. प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण उपायों को कड़ी निगरानी में रखा है.

Kosi Flood Alert: सुपौल जिले के वीरपुर स्थित कोसी बराज पर सोमवार शाम को नदी का जलस्तर बढ़कर 1 लाख 72 हजार 435 क्यूसेक दर्ज किया गया. नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में रविवार दिनभर और रातभर हुई बारिश के कारण नदी में पानी बढ़ रहा है. जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और बाढ़ नियंत्रण तंत्र को अलर्ट मोड में रखा गया है.

बराह क्षेत्र में भी बढ़ा जलप्रवाह

कोसी बराज कंट्रोल रूम के अनुसार नेपाल के बराह क्षेत्र में सोमवार शाम छह बजे 1 लाख 19 हजार 250 क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया. बराह क्षेत्र में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कोसी नदी में भी पानी बढ़ने की संभावना बनी हुई है. विभाग का कहना है कि मानसून के प्रभाव से आने वाले दिनों में जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

तटबंधों पर बढ़ाई गई चौकसी

Kosi Flood Alert: कौशिकी भवन स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार कोसी नदी के दोनों तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं. पूर्वी एफ्लक्स बांध, पूर्वी तटबंध तथा पश्चिमी तटबंध के सभी स्पर और स्टड सुरक्षित बताए गए हैं. अभियंताओं की टीम लगातार निगरानी कर रही है और संवेदनशील स्थलों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है.

मुख्य अभियंता ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की

बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने कहा कि बराह क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर का असर कोसी नदी पर पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ समय के लिए जलस्तर स्थिर हुआ था, लेकिन उसके बाद फिर वृद्धि दर्ज की गई. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. विभाग पूरी तरह सतर्क है तथा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

22 जून को दर्ज हुआ था इस वर्ष का सर्वाधिक जलस्तर

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 22 जून को इस वर्ष कोसी नदी का अब तक का सबसे अधिक जलस्तर दर्ज किया गया था. उस दिन बराह क्षेत्र में 1 लाख 23 हजार 500 क्यूसेक तथा वीरपुर बराज पर 1 लाख 86 हजार 385 क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया था. बढ़ते दबाव को देखते हुए उस समय कोसी बराज के 22 फाटक खोलने पड़े थे.

प्रशासन सतर्क, निगरानी जारी

वर्तमान स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और बाढ़ नियंत्रण इकाई लगातार निगरानी कर रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तटबंधों पर तैनात अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं.


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लेखक के बारे में

Author: विनोद राव

Published by: Pintu Pranav

विनोद राव प्रिंट माध्यम में 24 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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