सुपौल : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब कोसी नदी पर साफ दिखाई देने लगा है. नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटबंध के भीतर बसे गांवों के लोगों में बाढ़ और कटाव की आशंका गहरा गई है. पानी धीरे-धीरे निचले इलाकों की ओर फैलने लगा है और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है.
सोमवार सुबह 8 बजे वीरपुर स्थित कोसी बराज से जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार डाउन स्ट्रीम में 1 लाख 96 हजार 625 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया. वहीं पूर्वी कोसी मुख्य नहर और पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में जल प्रवाह शून्य रहा.
उधर, नेपाल के बराहक्षेत्र में भी सुबह 8 बजे 1 लाख 54 हजार क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया. यह नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का संकेत माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है.
तटबंधों पर निगरानी तेज, विभाग अलर्ट.
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है. संवेदनशील स्थलों पर अभियंताओं और कर्मियों की तैनाती की गई है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है.
प्रशासन ने तटबंध के भीतर और नदी किनारे रहने वाले लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने, लेकिन पूरी सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
कटाव का डर ग्रामीणों को सता रहा.
हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन कोसी का लगातार बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों के मन में पुराने बाढ़ और कटाव की दर्दनाक यादें ताजा कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी तो कुछ दिनों में उतर जाता है, लेकिन कटाव का दर्द वर्षों तक पीछा नहीं छोड़ता. ऐसे में हर बढ़ती लहर के साथ लोगों की निगाहें कोसी नदी पर टिकी हैं और सभी यही कामना कर रहे हैं कि इस बार कोसी तबाही का रूप न धारण करे.
