कोसी का रौद्र रूप पड़ा शांत, जलस्तर में बड़ी गिरावट, 22 से घटकर 13 फाटक खुले

Kosi Flood Update: नेपाल में बारिश थमने के बाद कोसी नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. कोसी बराज पर अब केवल 13 फाटक खुले हैं. हालांकि प्रशासन ने तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी जारी रखी है.

वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट

Kosi Flood Update: नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में बारिश थमने के बाद कोसी नदी का रौद्र रूप अब शांत पड़ने लगा है. सोमवार को जहां कोसी का जलस्तर बढ़कर 1.86 लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया था, वहीं मंगलवार सुबह इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई. जलस्तर कम होने के बाद कोसी बराज के खुले फाटकों की संख्या भी 22 से घटाकर 13 कर दी गई है. हालांकि प्रशासन और जल संसाधन विभाग अब भी पूरी तरह सतर्क है.

एक दिन में तेजी से घटा कोसी का जलस्तर

कोसी बराज कंट्रोल रूम से मंगलवार सुबह आठ बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार नदी का जलस्तर घटकर 1,15,670 क्यूसेक पर पहुंच गया है. सोमवार को जलस्तर अचानक बढ़कर 1,86,385 क्यूसेक तक पहुंच गया था, जिसके बाद बराज के 22 फाटकों को खोलना पड़ा था. लेकिन नेपाल स्थित बराहक्षेत्र में बारिश थमने के बाद अब नदी का बहाव कम हो गया है.

बराहक्षेत्र में भी घटी पानी की मात्रा

कोसी नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र बराहक्षेत्र में भी जलस्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. यहां जलस्तर घटकर 65,700 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया है. जलस्तर में कमी आने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि प्रशासन अभी किसी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है.

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Kosi Flood Update: तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी जारी

जल संसाधन विभाग ने तटबंधों और स्परों की सुरक्षा के लिए अभियंताओं और मानव बल की तैनाती कर रखी है. विभाग की ओर से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है. बढ़ते जलस्तर के दौरान जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने भी तटबंधों और स्परों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया.

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डीएम ने कोसी बराज की प्रयोगशाला का किया निरीक्षण

सोमवार को कोसी बराज पहुंचे जिला पदाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरत आरएस ने स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान डीएम ने अभियंताओं के साथ बैठक कर नदी के पानी में आने वाली सिल्ट यानी गाद की मात्रा और उसके प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी ली.

डीएम ने कोसी बराज स्थित आधुनिक प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया, जहां कर्मियों ने उन्हें पानी के नमूनों से सिल्ट की मात्रा मापने की वैज्ञानिक प्रक्रिया से अवगत कराया. आधुनिक तकनीक से लैस प्रयोगशाला को देखकर डीएम काफी प्रभावित नजर आए.

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता संजीव शैलेश, अधीक्षण अभियंता संजय कुमार, कार्यपालक अभियंता बबन पांडे, एसडीओ प्रशांत कुमार, बसंतपुर अंचलाधिकारी हेमंत कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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