कोशी कटाव पीड़ितों को अब तक नहीं मिला मुआवजा

प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

– प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी सुपौल. जिला मुख्यालय स्थित गजना चौक के समीप कोशी नव निर्माण मंच में जिला कमेटी की सम्पन्न हुई. बैठक में कोशी कटाव से पीड़ित लोगों की गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई. उपस्थित सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष कोशी कटाव में जिन लोगों के घर उजड़ गए हैं, उन्हें अब तक गृहक्षति का भुगतान नहीं मिला है. वहीं सरकारी राहत राशि (जीआर) से भी बड़ी संख्या में पीड़ित वंचित हैं. पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण कटाव पीड़ित परिवार तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं, जिसे मंच ने प्रशासनिक उदासीनता करार दिया. इस पर रोष व्यक्त करते हुए बैठक में निर्णय लिया गया कि इन सभी मुद्दों को लेकर एक सामूहिक आवेदन तैयार कर जिलाधिकारी से प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा, इसके बाद आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय की जाएगी. बैठक में बैरिया मंच से मरौना के बीच कोशी नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण के प्रयासों का स्वागत किया गया, साथ ही यह मांग रखी गई कि पुल की डिजाइन में तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों के चढ़ने-उतरने के लिए पर्याप्त एप्रोच व्यवस्था हो. सुपौल नगर क्षेत्र में पुनर्वासित कोशी के वास्तविक पीड़ित परिवारों से होल्डिंग टैक्स माफ करने की मांग को लेकर भी ज्ञापन देने का फैसला हुआ. बैठक में राजेश मंडल, अरविंद मेहता, भागवत पंडित, मो. अब्बास, हरिनंदन, योगेश्वर मिस्त्री, संजय, रामदेव मंडल, अर्चना सिंह, प्रमिला देवी, ऊषा देवी, कलमवती देवी, विवेकानंद, सब्बीर, रामचंद्र शर्मा, जयप्रकाश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। बैठक का विषय प्रवेश इंद्र नारायण सिंह ने किया, अध्यक्षता आलोक राय ने की तथा संचालन महेंद्र यादव ने किया. धन्यवाद ज्ञापन धर्मेंद्र कुमार ने किया.

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