किशोर चचरे भाई ने 10 वर्षीय मासूम बहन को बनाया हवस का शिकार

राजेश्वरी थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है

निजी अंग से ब्लीडिंग की सूचना पर मजदूरी छोड़ दौड़े- दौड़े घर पहुंचे पितापीएचसी पहुंच महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता से की पूछताछ

छातापुर

राजेश्वरी थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. 14 वर्षीय चचेरे भाई पर यह आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि वह मासूम को सूने घर में अपने हवस का शिकार बनाया. जानकारी के बाद बच्ची के पिता घर की महिलाओं के साथ बच्ची को लेकर सीएचसी छातापुर पहुंचे. सीएचसी में जांच और प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक डॉ शशि शंकर ने छातापुर थानाध्यक्ष को मोबाइल पर इसकी सूचना दी. सूचना के बाद छातापुर थाना की पुअनि डोली रानी पुलिस बल के साथ सीएचसी पहुंची. जिन्होंने परिजनों से मामले की जानकारी ली. जिसके बाद बच्ची को एकांत में ले जाकर पुअनि के द्वारा पूछताछ की गयी. डोली रानी ने बताया कि घटना राजेश्वरी थानाक्षेत्र की है. वस्तु स्थिति से थानाध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है. वैसे उन्होंने परिजनों को पीड़िता के अंगवस्त्र को सुरक्षित रखने व उसे स्नान आदि नहीं कराने का सुझाव भी दिया. सीएचसी में मौजूद पीड़िता के पिता ने बताया कि गांव में वह मजदूरी करने गये थे. बच्ची की मां भी मायके गयी हुई है. घर के ही लोगों से जानकारी मिली कि बच्ची के गुप्तांग से ब्लीडिंग हो रहा है. वह बेसुध है. मजदूरी छोड़कर घर पहुंचने पर पता चला कि उनके बडे भाई के पुत्र ने ही इसके साथ गलत किया है. जिसके बाद वे अन्य महिलाओं के साथ बच्ची को लेकर सीएचसी छातापुर पहुंचे हैं.

सदर अस्पताल किया रेफर

बताया कि चिकित्सक ने प्राथमिक जांच व उपचार करने के बाद पीड़िता को सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया. सीएचसी में मौजूद पीड़िता ने भी स्पष्ट रूप से बताया कि चचेरे भाई ने उसके साथ गलत किया है. हालांकि पीड़िता के साथ बैठी एक महिला जो कि आरोपी की मां बतायी गयी. वह मामले को दबाने की जुगत में पीड़िता पर हरसंभव दबाव बनाती दिख रही थी.

पीएचसी अस्पातल प्रभारी को दी जानकारी

चिकित्सक शंकर ने पूछने पर बताया कि जांच करवाने पर प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का मामला प्रतीत हो रहा है. बच्ची के गुप्तांग से रक्त-स्राव हो रहा था. प्राथमिक उपचार में ट्रेनेक्सामिक एसिड टेबलेट 500 एमजी और एजिथ्रामेसिन सस्पेशन 200 एमजी दी गयी है. बताया कि मामले की जानकारी पीएचसी प्रभारी और छातापुर थानाध्यक्ष को तत्काल ही दे दी गयी. बेहतर उपचार व जांच के लिए पीड़िता को तुरंत ही सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.

कहते हैं एसपी

एसपी सरथ आर एस ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है. चिकित्सक के पास आदमी को भेज दिये हैं. क्या मामला है, इसकी जांच कर रहे हैं. स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कुछ बता पायेंगे.

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RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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