सुपौल. समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व विषयक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिले में जमाबंदी अभिलेखों के शुद्धीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. डीएम ने सभी अंचलों में अभियान चलाकर राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का निर्देश दिया.
सभी जमाबंदी अभिलेखों के शुद्धीकरण का चलेगा अभियान
बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को बिहार सरकार के मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देशों से अवगत कराया. उन्होंने सभी अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी जमाबंदी अभिलेखों के शुद्धीकरण का कार्य अभियान चलाकर पूरा करने को कहा.
डीएम ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज सूचनाओं को सही और अद्यतन रखना जरूरी है. इससे जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के साथ भविष्य में होने वाली परेशानियों को भी कम किया जा सकेगा.
मृत जमाबंदीदारों के वारिसों का होगा नामांतरण
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाये.
डीएम ने इस कार्य को मिशन मोड में संचालित करने और 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करें.
लापरवाही पर डीएम ने जतायी सख्ती
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जमाबंदी अभिलेखों का शुद्धीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण राजस्व व्यवस्था को व्यवस्थित एवं अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है. इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे कराने को कहा.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर समाहर्ता सह बंदोबस्त पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मौजूद थे. अधिकारियों को अभियान के तहत किये जाने वाले कार्यों और उसकी समय-सीमा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.
