आईआरबी जवान व उनकी मां की सड़क हादसे में हुई थी मौत, गांव में शोक की लहर

कार चालक गिरफ्तार, वाहन जब्त

सुपौल. सदर थाना क्षेत्र के बरैल वार्ड संख्या 01 निवासी इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के जवान मनीष कुमार सिंह (42) व उनकी मां सरोज देवी की मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गयी. यह दर्दनाक हादसा बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र अंतर्गत हीरा टोल जीरोमाइल के पास हुआ. हादसे में मनीष की सास सुशीला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. मंगलवार देर रात जब मां-बेटे का शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम छा गया. हर लोगों की आंखें नम हो रही थी. पत्नी, बच्चे और पिता अशोक कुमार सिंह का रो-रो कर बुरा हाल है. गांव के हर चेहरे पर शोक की लकीरें साफ देखी जा रही थी. गंगा स्नान के लिए परिवार के साथ जा रहे थे मुंगेर घाट मृतक के पिता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मनीष झारखंड पुलिस की आईआरबी बटालियन में तैनात थे. फिलहाल वह पलामू में पोस्टेड थे. वे 12 जून को 20 दिनों की छुट्टी लेकर घर आए थे. मंगलवार को पूरा परिवार गंगा स्नान के लिए मुंगेर घाट जा रहा थे. मानसी स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद मनीष, उनकी मां सरोज देवी, पत्नी नीतू कुमारी, बेटे किशन कुमार और शिवम कुमार तथा सास सुशीला देवी के साथ एक ऑटो में सवार होकर घाट की ओर बढ़े. जैसे ही वाहन हीरा टोल ज़ीरोमाइल के पास पहुंचा, एनएच 31 पर तेज रफ्तार से आ रही एक बेकाबू कार ने पहले एक बाइक और फिर ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ऑटो पलट गया. स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर बेगूसराय सदर अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई, जबकि कुछ देर बाद उनकी मां सरोज देवी ने भी दम तोड़ दिया. गांव में हुआ अंतिम संस्कार बुधवार को मनीष कुमार सिंह और उनकी मां सरोज देवी का अंतिम संस्कार गांव के निजी बगीचे में किया गया. मनीष को उनके बड़े पुत्र किशन कुमार ने मुखाग्नि दी, जबकि सरोज देवी को उनके देवर अजय कुमार सिंह ने मुखाग्नि विदाई दी. कार चालक गिरफ्तार, वाहन जब्त हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कार चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है. इकलौता बेटा था मनीष, 27 जून को थी शादी की सालगिरह मृतक मनीष अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था और परिवार की पूरी ज़िम्मेदारी उसी पर थी. मनीष शुरू से ही मेहनती और लगनशील था. पहले सेना में तीन वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने आईआरबी में शामिल होकर देश की सेवा की. मनीष की शादी वर्ष 2010 में बरूआरी गांव निवासी भूपेन्द्र सिंह की पुत्री नीतू कुमारी से हुई थी. इस बार 12 जून को वह 20 दिनों की छुट्टी पर घर आया था. परिवार 27 जून को मनीष और नीतू की शादी की 15 वीं सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहा था. मनीष अपने पीछे वृद्ध पिता अशोक कुमार सिंह, पत्नी नीतू कुमारी और दो पुत्र किशन कुमार और शिवम कुमार को छोड़ गए हैं. उनके असमय निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है.

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