सुपौल जल अधिग्रहण बराहक्षेत्र के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी के बाद कोसी नदी का जलस्तर 03 लाख 93 हजार क्यूसेक बढ़ गया था और कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिये गए थे. जहां नदी के दोनों ही तटबंध के अलग अलग छह स्परों पर बढ़ते जलस्तर का दबाव बना हुआ था. हालांकि नदी के जलस्तर में काफी गिरावट होने लगी और रविवार की दोपहर 12 बजे के बाद से बराह क्षेत्र में पानी घटने लगा था. जबकि शाम 06 बजे से बराज पर भी जलस्तर में कमी आने लगी. इसके बाद कोसी से जुड़े इंजीनियरों ने राहत की सांस ली. इधर सोमवार को दोनों जगहों पर पानी घटने का सिलसिला जारी रहा. पानी घटने के बाद प्रभावित गांवों में अब कटाव का भय सताने लगा है. पीड़ित बताते हैं कि बाढ़ से सिर्फ परेशानी बढ़ती है. लेकिन कटाव लोगों को जिंदगी भर की पीड़ा दे जाती है. जहां खेत-खलियान या आवासीय परिसर नजर आ रहा है वहां कल क्या ठिकाना की यह रहेगा या नहीं. वहीं पानी घटने के बाद जगह-जगह संपर्क पथ ध्वस्त हो जाने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सड़क संपर्क ध्वस्त पूर्वी कोसी तटबंध 57.20 किमी से घूरन पंचायत जाने वाली मुख्य सड़क कोसी नदी में अत्यधिक जलस्राव के कारण ध्वस्त हो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पानी के तेज बेग के कारण लोग चाहकर भी एक बगल से दूसरे बगल जाने में परहेज कर रहे हैं. ग्रामीण इरशाद, अकबर, रूस्तम ने बताया कि कोसी नदी में अधिक पानी आ जाने के कारण सड़क संपर्क टूट जाने के कारण लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है. बताया कि पानी का बेग काफी तेज रहने के कारण लोग एक-बगल से दूसरे बगल नहीं जा रहे हैं. अगर ऐसी हालत में गांव के कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाये तो काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
