सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत युवा समाजसेवी सह कांग्रेस नेता सुभाष कुमार यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस बयान जारी कर NEET पेपर लीक मामले और गिरते शिक्षा तंत्र को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों व युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए कहा कि युवाओं की जायज मांगों को दबाने का प्रयास लोकतंत्र पर सीधा हमला है.
"छात्रों की आवाज सुनने के बजाय दबा रही सरकार"
प्रेस बयान जारी करते हुए कांग्रेस नेता सुभाष कुमार यादव ने कहा:
- भ्रष्टाचार व बेरोजगारी पर सवाल: देश का युवा और छात्र वर्ग लगातार पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली की खामियों पर गंभीर सवाल उठा रहा है.
- दमनकारी नीति का आरोप: छात्रों की बात सुनने और परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के बजाय सरकार पुलिसिया बल प्रयोग के जरिए उनकी आवाज को दबाने का काम कर रही है.
विपक्षी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार लोकतंत्र पर हमला
सुभाष यादव ने संसद और सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे शीर्ष विपक्षी नेताओं पर हुई कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की:
सुभाष कुमार यादव का वक्तव्य: "नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद पप्पू यादव समेत अन्य नेताओं को घसीटना और गिरफ्तार करना भाजपा सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है. हिरासत से छूटने के बाद राहुल गांधी की तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि उनके साथ कैसा अन्यायपूर्ण रवैया अपनाया गया. जब देश के नेता प्रतिपक्ष के साथ ऐसा सलूक हो सकता है, तो आम युवाओं के साथ क्या हुआ होगा, यह पूरा देश देख रहा है."
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े
कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन और मांग रखने का अधिकार देती है:
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: उन्होंने कहा कि नीट विवाद में कथित धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
- आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं और छात्रों के अधिकारों को छीना गया और उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो देश भर का युवा वर्ग चुप नहीं बैठेगा और इस तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब देगा.
