जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव ने की बैठक 14 मार्च 2026 को आहूत है लोक अदालत सुपौल. आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से तैयारियां तेज कर दी गयी है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष अनंत सिंह के दिशा-निर्देश पर सोमवार को प्राधिकार के सचिव अफजल आलम की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गयी. यह बैठक प्राधिकार के प्रकोष्ठ में आयोजित हुई. जिसमें जिले के सभी अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं न्यायिक दंडाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को अधिकतम सफल बनाना था. चिह्नित मामले में नोटिस निर्गत करें पदाधिकारी इस दौरान सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अधिक से अधिक चिह्नित मामलों में शीघ्र नोटिस निर्गत करें, ताकि लोक अदालत के दिन उनका निस्तारण संभव हो सके. कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 3000 से अधिक चिह्नित मामलों में नोटिस जारी किए जा चुके हैं. इन सभी मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन पूर्णतः निःशुल्क किया जायेगा. अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आम लोगों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम हो सके. बैठक के दौरान सचिव अफजल आलम ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से अपील की कि वे लोक अदालत को जन-आंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक वादकारियों को इसके लाभ के प्रति जागरूक करें. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न केवल विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का माध्यम है, बल्कि यह न्यायिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी मजबूत करती है. बैठक में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गुरु दत्त शिरोमणि, श्याम नाथ सह, सुदीप पाण्डेय, भावेश कुमार, आदित्य कुमार, चेतन आनंद एवं राखी कुमारी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे.
लोक अदालत को जन-आंदोलन का दें रूप
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से तैयारियां तेज कर दी गयी है.
