मछली विक्रेताओं को मिला स्वरोजगार का साधन: मंत्री

योजना ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी.

-पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली विक्रेताओं के बीच किट का वितरित सुपौल छातापुर विधानसभा अंतर्गत ठुठी पंचायत के चैनपुर गांव में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ग्रामीण मछली विक्रेताओं के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किट का वितरण किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) मंत्री एवं स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने किया. यह आयोजन पूर्व मुखिया क्रांति झा के आवासीय परिसर में आयोजित किया गया. मंत्री ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण मछली विक्रेताओं को लगभग 18 हजार 800 मूल्य की आवश्यक सामग्री नि:शुल्क दी जा रही है. प्रत्येक लाभार्थी को कुल 15 प्रकार की वस्तुएं प्रदान की जा रही हैं, जिनमें फोल्डेबल छतरी, मछली पकड़ने का जाल (फिश नेट), स्टेनलेस स्टील कटर, मछली रखने का डिब्बा, प्लास्टिक चादर, फोल्डेबल टारपोलिन शीट, एलईडी लाइट, दस्ताने, मास्क, कैप और मनी बैग शामिल हैं. मंत्री बबलू ने कहा कि यह योजना ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी. इससे न केवल स्थानीय मछली व्यवसाय को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों में लागू की जा रही है, शहरी क्षेत्र इसके दायरे से बाहर हैं. कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद सुपौल के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव, गोपाला आचार्य, रमेश मुखिया, रमैया झा, क्रांति झा, डीलर झा, ललन साह, दिलीप पासवान, बोआ मेहता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे. लोगों में योजना को लेकर खासा उत्साह देखा गया. यह पहल न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से लाभकारी सिद्ध होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम भी मानी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >