गैस रिसाव से लॉज में लगी आग, लाखों की संपत्ति राख
तीन लैपटॉप, 05 मोबाइल, 50 हजार रुपये से अधिक नकद, कई छात्रों के सभी एकेडमिक ओरिजनल मूल प्रमाण पत्र जल गये
तीन लैपटॉप, 05 मोबाइल, 50 हजार रुपये से अधिक नकद, कई छात्रों के सभी एकेडमिक ओरिजनल मूल प्रमाण पत्र जल गये
सुपौल.
जिला मुख्यालय वार्ड नंबर 02 विद्यापुरी स्थित एक लॉज में रविवार की दोपहर अचानक आग लगने से पांच कमरा पूरी तरह जल गया. जबकि चार कमरा आंशिक रूप से जला है. लॉज में रह रहे छात्र सुबोध कुमार ने बताया कि अगलगी की घटना में तीन लैपटॉप, 05 मोबाइल, 50 हजार रुपये से अधिक नकद, कई छात्रों के सभी एकेडमिक ओरिजनल मूल प्रमाण पत्र सहित कमरे में रखा किताब, कपड़ा, अनाज आदि जल कर राख हो गया. जिन छात्रों का प्रमाण पत्र जल कर खाक हो गया वह फूट फूट कर रो रहे थे. बताया कि लॉज में डेढ़ दर्जन से अधिक छात्र रहते हैं. पीड़ित छात्रों ने बताया कि लॉज में रह रहे एक छात्र अपने कमरे में खाना बना रहा था. तभी अचानक सिलिंडर से गैस रिसाव होने के कारण कमरे में आग लग गयी. वहीं आसपास रह रहे छात्रों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया. लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थी कि देखते ही देखते आधा दर्जन से अधिक कमरों में आग लग गयी. वहीं आग की तेज लपटें को देख कर स्थानीय लोग मौके पर पहुंच कर आग पर काबू करने की कोशिश करने लगे. लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका. अगलगी की घटना के कुछ ही देर बाद इसकी सूचना अग्निशन विभाग को दी गई. सूचना पर पहुंची 02 छोटी एवं 02 बड़ी फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया. अगलगी की घटना में छात्र सोनू कुमार, सुबोध कुमार, राजीव कुमार, रौशन कुमार, अभिमन्यु कुमार, नंदन कुमार, रूपेश कुमार, सत्यम कुमार, सोनू कुमार, मोनू कुमार का सभी सामान जल गया.
छात्र ने दिखाया साहस, मूक दर्शक बने रहे अग्निक
घटना के बाद छात्रों के बीच अफरा- तफरी का माहौल व्याप्त हो गया. आग की लपटें देख बगल के कमरे में रह रहे लड़के अपना-अपना सामान निकालने लगे. जिन छात्रों के कमरे में आग लगी वह लोगों से मदद की आस लगाये शोर मचाते रहे. इसी बीच फायर बिग्रेड की एक छोटी गाड़ी सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंची. फायर बिग्रेड की वाहन देख पीड़ित लड़कों में जोश आ गया. उन्हें लगा कि अब उसका सारा सामान जलने से बच जायेगा. कुछ देर तक वह अग्निक की ओर आस भरी निगाह से टकटकी लगाए रखा. लेकिन अग्निक आग की मुआयना करते वाहन से पाइप निकाल कर दरवाजे पर लगे आग को बुझाने की कोशिश करने लगा. इसी बीच एक छात्र साहस का परिचय देते भींगे कपड़े को अपने शरीर में लपेट कर आग लगे कमरे में प्रवेश कर सबसे पहले जल रहे सिलिंडर को बुझाया. इसके बाद सभी कमरे में पहुंच कर बारी-बारी से आधा दर्जन घरेलू सिलिंडर निकालने में कामयाब हो गया. यह दृश्य देख लोग दंग रह गये. पीड़ित छात्रों ने कहा कि अचानक उन्हें एहसास हुआ कि वह ऐसा कर सकता है और उसने कर दिखाया. बताया जा रहा है कि यदि घर से घरेलू गैस सिलेंडर नहीं निकाला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था.