Fake Note Case: BMP जवान अमरेंद्र के नेपाल कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस, EOU ने 36 घंटे के पूछताछ के बाद भेजा जेल

Fake Note Case: पुलिस सूत्रों के अनुसार अमरेंद्र किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह जमीन की दलाली का भी काम करता था, जिससे उसका नेटवर्क दिन-ब-दिन फैलता जा रहा था. यही कारण है कि उसके खिलाफ पुलिस ने अब मोबाइल, दस्तावेज और अन्य संचार माध्यमों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है. जिन लोगों से उसकी नियमित बातचीत होती थी, उनकी भी पहचान की जा रही है.

Fake Note Case: कटैया पावर हाउस इलाके से गिरफ्तार बीएसएपी 12वीं बटालियन के जवान अमरेंद्र कुमार यादव को 36 घंटे की गहन पूछताछ के बाद सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अमरेंद्र पर जाली नोटों की तस्करी, संदिग्ध नेपाल कनेक्शन और हथियारों की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता का गंभीर आरोप है.इस मामले ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का भी ध्यान आकर्षित किया है.

आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है. गौरतलब है कि गिरफ्तार जवान अमरेंद्र कुमार यादव, पिता कपिलदेव यादव, निवासी पथराहा वार्ड संख्या 04, थाना मधेपुरा, जिला मधेपुरा के का रहने वाला है. जिसके पास से शनिवार को तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 123 नकली नोट (पांच-पांच रुपये के) बरामद किए गए. इसके अलावा एक नेपाल की भंसार (सीमा शुल्क) रसीद भी मिली थी.

बड़ा नेटवर्क और जमीन दलाली से जुड़ाव

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन इसे लेकर बेहद सतर्क है. प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही अमरेंद्र को विभागीय रूप से निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जांच के दौरान अमरेंद्र के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से तीन महत्वपूर्ण नंबर सामने आए हैं, जिनमें से एक नंबर नेपाल के एक व्यक्ति से जुड़ा पाया गया है.

तस्करी के लिए इस्तेमाल कर रहा था फर्जी पद का बोर्ड

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अमरेंद्र कुमार ने ”बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन” के क्षेत्रीय मंत्री का फर्जी बोर्ड लगा रखा था, जिससे वह खुद को वरिष्ठ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था. इसी पहचान का फायदा उठाकर वह आर्म्स और नकली नोटों की तस्करी का धंधा संचालित कर रहा था.

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तीन ठिकानों पर हुई छापेमारी

कांड संख्या 37/25 दर्ज गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमरेंद्र के तीन ठिकानों पर छापेमारी की है. कांड संख्या 37/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. अमरेंद्र के पास से 123 नकली नोट (पांच-पांच रुपये के) और नेपाल की भंसार रसीद बरामद हुई थी, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पुष्टि होती है.

पुलिस गहराई से कर रही मामले की जांच : एसपी

रविवार को पटना से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की चार सदस्यीय टीम वीरपुर पहुंची और अमरेंद्र से कई घंटे तक पूछताछ की. एसपी शैशव यादव ने बताया कि गिरफ्तार सिपाही अमरेंद्र कुमार को जेल भेज दिया गया है. पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आयी हैं, जिनकी जांच जारी है. पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुटी है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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