बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे एक्सपायरी खाद्य पदार्थ, नहीं हो रही प्रशासनिक जांच

बच्चों की सेहत से हो रहा खिलवाड़

– बच्चों की सेहत से हो रहा खिलवाड़ त्रिवेणीगंज. बाजार क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है. यहां एक्सपायरी बिस्कुट, कुरकुरे, नमकीन और अन्य पैकेटबंद खाद्य पदार्थ बेखौफ होकर बेचे जा रहे हैं. इसका सीधा असर आम लोगों, खासकर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं. शुक्रवार को सामने आए एक ताजा मामले में एक ग्राहक ने बाजार की एक दुकान से 10 रुपये का बिस्कुट खरीदा, जो एक्सपायरी था. बदले में जब 05 रुपये का बिस्कुट दिया गया. लेकिन वह भी एक्सपायर्ड निकला. बाजार के चौक-चौराहों से ग्रामीण पर खुले में बिक रहे खाद्य और पेय पदार्थ भी लोगों को बीमार कर रहा है. सड़कों के किनारे ठेले खोमचे पर बिक रहे लिट्टी, समोसा,जलेबी खुले में धूल के बीच लोगों को परोसे जा रहे हैं. मुख्य मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर चौक सहित कई इलाकों में खुले में रखी खाद्य सामग्री पर अधिकारियों की नजर रोज पड़ती है. लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती. सड़क किनारे और नालियों के पास लगने वाली दुकानों पर भिनभिनाती मक्खियों और उड़ती धूल से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है. ठेलों पर बिक रहे बर्गर, चाउमीन और अन्य फास्ट फूड नाले की मक्खियों और धूल से दूषित हो रहे है. लोग इन्हीं दुकानों से खाद्य सामग्री खरीद रहे हैं. स्थानीय निवासी सहदेव यादव, बसंत यादव, डॉ इंद्रभूषण यादव, अमित कुमार, गोलू कुमार, मो जहांगीर, धनिक लाल यादव, विवेक कुमार, मनीष कुमार और संतोष स्योटा सहित अन्य लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत के लिए लोग पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर भरोसा करते है. लेकिन घर पहुंचने पर सामान पहले से एक्सपायर्ड निकलता है. लोगों का आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर प्रशासन द्वारा जांच नहीं की जाती. कभी-कभार औपचारिक निरीक्षण की सूचना जरूर मिलती है, लेकिन उसका कोई असर बाजार में दिखाई नहीं देता. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार में नियमित और सघन जांच कर दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाए. ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ पर रोक लग सके. कहते हैं डॉक्टर डॉ अमित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी रोग, उल्टी-दस्त जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है. लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है. जो बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक है.

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