सुपौल आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर जिला न्यायालय परिसर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अनंत सिंह ने की. इस दौरान सुपौल जिला न्यायमंडल के सभी न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई. न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि ज्यादा से ज्यादा सुलहनीय मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में निष्पादित कराया जाए, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान हो सके. विशेष रूप से ऑनलाइन ट्रैफिक चालान के मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया. बताया गया कि ऐसे चालान, जो 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादित किया जाएगा. इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और मामलों का शीघ्र निपटारा संभव हो सकेगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो अफजल आलम ने जानकारी दी कि लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अधिक से अधिक पक्षकारों को नोटिस भेजे जा चुके हैं. साथ ही लोगों को लोक अदालत के लाभ के बारे में जागरूक करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं. बैठक में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय राहुल उपाध्याय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण दिलीप कुमार, राकेश कुमार, तेजप्रताप, देवराज, अभिषेक मिश्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामचंद्र प्रसाद, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गुरुदत्त शिरोमणि सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे. अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनता को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है. सभी न्यायिक पदाधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस आयोजन को सफल बनाने का निर्देश दिया गया.
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
विशेष रूप से ऑनलाइन ट्रैफिक चालान के मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया
