सुपौल में ई-केवाईसी अभियान तेज, फरवरी से राशन बंद होने का खतरा

प्रशासन ने समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने की अपील

– जिले में अब भी 20 प्रतिशत से अधिक लाभुकों की ई-केवाईसी लंबित – प्रशासन ने समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने की अपील सुपौल. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत जिले में संचालित जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी अभियान को तेज कर दिया गया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार इस अभियान की निगरानी कर रहा है. इसके बावजूद सुपौल जिले में अब भी 20 प्रतिशत से अधिक लाभुक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है. यह स्थिति प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का मानना है कि यदि समय रहते ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो बड़ी संख्या में पात्र लाभुक राशन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी सुविधा से वंचित हो सकते हैं. इसी को देखते हुए विभाग और जिला प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में पीएचएच (प्राथमिकता गृहस्थी) श्रेणी के लाभुकों की कुल संख्या 18 लाख 82 हजार 591 है. जबकि एएवाय (अंत्योदय अन्न योजना) के तहत 01 लाख 60 हजार 954 लाभुक पंजीकृत हैं. इन सभी लाभुकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी खाद्यान्न का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे. जिला आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार 28 जनवरी तक जिले में कुल 16 लाख 31 हजार 144 लाभुकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है. इसके बावजूद अभी भी लाखों लाभुक ऐसे हैं, जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन लंबित है. विभाग जन वितरण प्रणाली दुकानदारों और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से इन लाभुकों तक लगातार सूचना पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. ई-केवाईसी का उद्देश्य ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना, फर्जी राशन कार्डों को समाप्त करना और अपात्र लाभुकों को सूची से हटाना है. आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी अनाज का दुरुपयोग न हो और वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर राशन पहुंचे. जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि सभी राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि जिन लाभुकों का आधार राशन कार्ड से लिंक है. लेकिन ई-पास मशीन पर आधार का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करानी चाहिए. कहा कि यदि फरवरी माह तक ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो ऐसे लाभुकों को राशन मिलने में समस्या आ सकती है. कहा कि विभाग का उद्देश्य किसी भी पात्र लाभुक को वंचित करना नहीं है, बल्कि सभी को समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने के लिए प्रेरित करना है. ग्रामीण इलाकों में विशेष अभियान जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि ई-केवाईसी को लेकर जिले के ग्रामीण इलाकों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. जन वितरण प्रणाली विक्रेता स्तर पर शिविर लगाकर लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा रहा है. इसके साथ ही सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी लाभुकों को ई-केवाईसी के लिए प्रेरित करें और उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें. ई-केवाईसी के दौरान कई स्थानों पर तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं. कमजोर इंटरनेट नेटवर्क, मशीन में खराबी, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों के फिंगरप्रिंट का सही से मैच नहीं होना जैसी शिकायतें लगातार मिल रही है.

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