जन्म के सात दिनों तक नवजात को न नहलाएं

नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से दी गई अहम जानकारियां

– नेशनल न्यूबॉर्न वीक 2025 : सदर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम – नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से दी गई अहम जानकारियां सुपौल. नेशनल न्यूबॉर्न वीक सेलिब्रेशन 2025 के तहत सदर अस्पताल सुपौल में शनिवार को नवजात शिशुओं की देखभाल पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. एएनएम स्कूल की छात्राओं और पिरामल फाउंडेशन की टीम ने नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से सरल और प्रभावी तरीके से लोगों को नवजात शिशुओं की सही देखभाल के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में बताया गया कि जन्म के 07 दिनों तक नवजात को न नहलाएं, क्योंकि इससे सर्दी या संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. नवजात की नाल पर किसी भी प्रकार का पदार्थ जैसे हल्दी, तेल या राख नहीं लगाना चाहिए. शिशु को ठंड से बचाने के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी) बेहद लाभदायक है, जिससे बच्चे का तापमान नियंत्रित रहता है. जन्म के पहले 01 घंटे के भीतर बच्चे को मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए, यह बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है. पहले 06 महीने तक केवल मां का दूध दिया जाए; इस अवधि में पानी, शहद या कोई अन्य खाद्य पदार्थ न दें. इस दौरान उपस्थित महिलाओं को नवजात शिशु की सफाई, तापमान नियंत्रण और संक्रमण से बचाव के सरल उपायों की भी विस्तार से जानकारी दी गई. कार्यक्रम में जिला योजना समन्वयक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक बाल कृष्ण चौधरी, रंजीत कुमार जयसवाल, चन्दन कुमार एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >