ललित नारायण अनुमंडलीय अस्पताल में डायलेसिसिस सेवा फिर से शुरू करने की कवायद तेज हो गयी है. इसी को लेकर एसडीएम विनय कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया और जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने ओपीडी और इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या की जानकारी ली. इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को भी देखा. निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रथम तल पर कुछ कमरों में अस्पताल कर्मियों के रहने की बात सामने आयी. एसडीएम ने वहां रह रहे लोगों से पूछताछ की और जनहित को देखते हुए सभी कमरों को 24 घंटे के अंदर खाली करने का निर्देश दिया.
डायलेसिस सेवा के लिए साफ-सफाई पर जोर
एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि ललित नारायण अनुमंडलीय अस्पताल अनुमंडल क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है. यहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके, इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि डायलेसिस सेवा बहाल करने के साथ डिजिटल एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम चल रहा है. डायलेसिस सेंटर शुरू करने के लिए जगह का साफ-सुथरा और स्वच्छ होना जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल का निरीक्षण किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि निर्देश के अनुसार जल्द काम पूरा होगा और अस्पताल की व्यवस्था बेहतर होगी.
मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का बेहतर लाभ देने की तैयारी
एसडीएम ने कहा कि अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने से अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. डायलेसिस जैसी जरूरी सेवा उपलब्ध होने से किडनी के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल और साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है. प्रशासन का प्रयास है कि लोगों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का पूरा लाभ मिले और अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज के साथ जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें.
