सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-27 (NH-27) के समीप स्थित प्रसिद्ध 'गढ़िया दिव्य शिव मंदिर' में सावन माह की चौथी और अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. अहले सुबह मंदिर के पट खुलते ही दूर-दराज के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से पहुंचे हजारों शिवभक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर में उमड़े भारी जनसैलाब के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसे नियंत्रित करने में स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
अहले सुबह से जलाभिषेक, NH-27 पर थमी रफ्तार
सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में अलौकिक उत्साह देखने को मिला:
- भक्तों का तांता: मंदिर का मुख्य द्वार खुलते ही 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के गगनभेदी जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा.
- ट्रैफिक जाम: श्रद्धालुओं और वाहनों की अत्यधिक संख्या के चलते एनएच-27 पर काफी देर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा.
80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बिबेकानंद उर्फ बौधी यादव ने बताया कि अंतिम सोमवारी पर जलाभिषेक को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह रहा:
- भारी संख्या: समाचार प्रेषण तक 80 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के शिवलिंग पर गंगाजल और बेलपत्र अर्पित कर चुके थे.
- देर शाम तक सिलसिला: जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का यह दौर देर शाम तक निरंतर जारी रहा.
- व्यवस्था व सुरक्षा: श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा के लिए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा व्यापक व पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
मेला जैसा माहौल, शाम में संकीर्तन
मंदिर परिसर के बाहर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह उत्सव के माहौल में तब्दील हो गया:
- दुकानों पर रौनक: परिसर के निकट फल, फूल, प्रसाद, खिलौने और मिठाइयों की दर्जनों दुकानें सजी रहीं, जहां श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की.
- सांस्कृतिक संध्या: मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से संध्या आरती के बाद मंदिर प्रांगण में भव्य भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भक्तों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी.
