सुपौल समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (पेज-02) तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO), प्रखंड समन्वयकों, जीविका के बीपीएम (BPM) तथा आवास पर्यवेक्षकों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रखंडवार गहन समीक्षा की गई.
बैठक में ये प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में डीआरडीए (DRDA) के निदेशक (लेखा एवं स्वनियोजन) आशुतोष कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक (जीविका) तथा जिला सलाहकार (CB & IEC) समेत कई अन्य विभागीय पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
महादलित टोलों में शौचालय और CSC निर्माण पर ज़ोर
समीक्षा के दौरान महादलित टोलों में शौचालय निर्माण, ऋण वितरण व भुगतान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM), सामुदायिक स्वच्छता केंद्र (CSC) और वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) के निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई:
- छातापुर, बसंतपुर और मरौना को निर्देश: डीडीसी ने छातापुर और बसंतपुर के बीडीओ को पेंडिंग सीएससी (CSC) निर्माण जल्द पूरा करने तथा मरौना के बीडीओ को तत्काल काम शुरू कराने का कड़ा निर्देश दिया.
- सफाई और संचालन: सभी बीडीओ और प्रखंड समन्वयकों को निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के नियमित संचालन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
- महादलित टोलों में लक्ष्य: महादलित टोलों के छूटे हुए परिवारों को जागरूक कर शौचालय बनवाने और समय पर प्रोत्साहन राशि भुगतान के निर्देश दिए गए. भूमिहीन परिवारों के लिए एनओसी (NOC) प्राप्त कर नए सीएससी निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया.
- WPU निर्माण: गोपालपुर सिरे पंचायत में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) के लिए भूमि चिह्नित कर तुरंत निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश दिया गया.
PMAY: पहली किस्त लेकर काम न करने वालों पर जारी होगा 'लाल नोटिस'
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान डीडीसी इन्द्रवीर कुमार ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी:
- नोटिस और राशि वसूली: जिन लाभार्थियों ने प्रथम किस्त की राशि प्राप्त कर ली है, उनसे शत-प्रतिशत निर्माण शुरू कराया जाए. जो लाभार्थी काम शुरू नहीं कर रहे हैं, उन्हें पहले उजला नोटिस और फिर लाल नोटिस जारी किया जाए. इसके बाद भी कार्य प्रारंभ न करने पर नियमानुसार सरकारी राशि की वसूली (Recovery) की कार्रवाई की जाए.
- अगली किस्त का भुगतान: जिन लाभुकों ने आवास निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया है, उनका तुरंत जियो-टैगिंग (Geo-tagging) कराते हुए द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान अविलंब सुनिश्चित किया जाए.
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं के लक्ष्य को प्राप्त करने और पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया.
